भूकंप और बाढ़ जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए स्कूली बच्चों को सिखाए गए बचाव के गुर बक्सर खबर। प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित सूझबूझ और बचाव के तरीकों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को बक्सर के ऐतिहासिक किले के नीचे, नाथ बाबा मंदिर के समीप गंगा तट पर एक भव्य मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह विशेष अभियान एनडीआरएफ बिहटा की टीम और जिला अग्निशमन पदाधिकारी विनोद कुमार यादव के कुशल दिशा-निर्देश में सदर अनुमंडल अग्निशमालय टीम द्वारा संयुक्त रूप से संपन्न हुआ। मॉक ड्रिल के दौरान गंगा की लहरों और तट पर आपदा जैसी स्थिति पैदा कर बचाव कार्यों का जीवंत प्रदर्शन किया गया।
एनडीआरएफ के जवानों ने दिखाया कि बाढ़ के दौरान डूबते हुए व्यक्ति को कैसे बचाया जाए और उपलब्ध संसाधनों से लाइफ जैकेट व राफ्ट कैसे तैयार किए जा सकते हैं। वहीं, अग्निशमन विभाग ने भूकंप के दौरान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्राथमिक उपचार देने की बारीकियों को समझाया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शहर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और शिक्षक शामिल हुए। जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा कभी बताकर नहीं आती, लेकिन हमारी तैयारी उसकी भयावहता को कम कर सकती है।

स्कूली बच्चे समाज के जागरूक दूत हैं, जो यहां सीखे गए गुरुओं को अपने परिवार और आस-पड़ोस तक पहुंचा सकते हैं। इस दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी रही, जिन्होंने सुरक्षा बलों के इस साहसिक प्रदर्शन की सराहना की। प्रशासन का मानना है कि ऐसे नियमित अभ्यासों से आम नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ता है और आपातकालीन स्थिति में जनहानि को न्यूनतम किया जा सकता है।































































































