मुंसिफ नेहा त्रिपाठी ने सिखाई ऑनलाइन वाद दायर करने की बारीकियां बक्सर खबर। व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित पुस्तकालय भवन में अधिवक्ताओं के लिए ई-फाइलिंग संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को किया गया। यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झांब के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए मुंसिफ द्वितीय नेहा त्रिपाठी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य अधिवक्ताओं को न्यायिक कार्य में डिजिटल माध्यमों के उपयोग के प्रति जागरूक और दक्ष बनाना है। उन्होंने बताया कि बदलते समय में मैन्युअल प्रणाली से ऑटोमेटिक एवं पेपरलेस प्रणाली की ओर तेजी से बढ़ना आवश्यक हो गया है।
प्रशिक्षण के दौरान अधिवक्ताओं को ऑनलाइन वाद दायर करने की संपूर्ण प्रक्रिया समझाई गई। इसमें आवश्यक दस्तावेजों की स्कैनिंग, अपलोडिंग, पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन तथा ई-फाइलिंग के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। नेहा त्रिपाठी ने कहा कि सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का न्यायिक कार्य में समुचित उपयोग समय की मांग है। ई-फाइलिंग व्यवस्था से कार्य में पारदर्शिता, गति और सुविधा बढ़ेगी। साथ ही वादी स्वयं भी अपना वाद ऑनलाइन दायर कर सकेंगे, जिससे न्याय तक पहुंच और आसान होगी। कार्यक्रम का संचालन रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने किया। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा तथा सचिव विन्देश्वर पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने भी उपस्थित अधिवक्ताओं को ई-फाइलिंग से जुड़ी अन्य उपयोगी जानकारियां प्रदान कीं।































































































