सिविल सर्जन कार्यालय पर आशा कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन, 23 को पटना कूच का ऐलान

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छह माह से प्रोत्साहन राशि बकाया होने पर फूटा आक्रोश, अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी                  बक्सर खबर। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर गुरुवार को जिले की दर्जनों आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के राज्य उपाध्यक्ष सह जिला संयोजक अरुण कुमार ओझा, चिकित्सा संघ के राज्य उपाध्यक्ष मनोज चौधरी, महावीर पंडित, मीरा कुमारी और डेजी देवी ने किया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार, विश्व स्वास्थ्य संगठन और उच्च न्यायालय इस बात से सहमत हैं कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं। इसके बावजूद पिछले छह महीनों से उनकी प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबित है, जो घोर मजदूर विरोधी कदम है।

वक्ताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आशा कार्यकर्ताओं से आवंटित 57 कार्यों के अतिरिक्त शराबबंदी, गृह कलह रोकना, किसानों का निबंधन और आयुष्मान कार्ड जैसे कार्य भी लिए जा रहे हैं। काम का बोझ बढ़ने के बावजूद मानदेय और प्रोत्साहन राशि के मामले में सरकार उदासीन बनी हुई है। यदि हमारी समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं हुआ, तो आगामी 23 फरवरी को मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष राज्य स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा संभव है। सिविल सर्जन को मांग पत्र सौंपने वाले शिष्टमंडल में अरुण कुमार ओझा, मनोज चौधरी, महावीर पंडित, डेजी कुमारी, मंजू कुमारी, मीरा कुमारी और दुर्गावती देवी शामिल रहीं। प्रदर्शन के पश्चात आयोजित सभा की अध्यक्षता मीरा कुमारी व डेजी देवी ने की, जबकि संचालन अरुण कुमार ओझा द्वारा किया गया।

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