नौ अखाड़ों की भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, जगह-जगह हुआ श्रद्धालुओं का स्वागत बक्सर खबर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की शिक्षास्थली और महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि सिद्धाश्रम बक्सर में रामनवमी का पर्व इस वर्ष पूरे उत्साह, श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया गया। शुक्रवार को पूरा शहर राममय हो उठा, जब ऐतिहासिक और भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और चारों ओर जय श्री राम के गगनभेदी नारे गूंजते रहे। दोपहर बाद शहर के विभिन्न हिस्सों से नौ अखाड़ों की शोभायात्राएं निकलनी शुरू हुईं। अखाड़ों के सदस्यों ने पारंपरिक हथियारों और करतबों के साथ शौर्य और कला का अद्भुत प्रदर्शन किया। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी झूमते नजर आए। झांकियों में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के जीवंत स्वरूपों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
शहर भ्रमण के दौरान जगह-जगह शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय लोगों ने सेवा भाव का परिचय देते हुए नि:शुल्क जलपान, शरबत, हलवा और मिठाइयों की व्यवस्था की। सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं की प्यास बुझाने के लिए लोग बढ़-चढ़कर सहयोग करते दिखे। यमुना चौक पर स्थानीय समिति द्वारा चेयरमैन प्रतिनिधि नियामतुल्लाह फरीदी, सदर एसडीएम अविनाश कुमार, एसडीपीओ गौरव कुमार पांडेय, पार्षद इंद्र प्रताप सिंह, रेड क्रॉस सचिव डॉ. श्रवण तिवारी, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि अरविन्द चौबे, अखिलेश पांडेय, ऋषिकेश त्रिपाठी समेत कई गणमान्य लोगों का पगड़ी और माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ पर्व मनाने का संदेश दिया।

शहर के बंगाली टोला,जई ब्रह्मा बाबा नमक गोला रोड, ताड़का नाला, रामरेखा घाट, गोला बाजार, ठठेरी बाजार, थाना रोड और नेहरू नगर सहित विभिन्न इलाकों से भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। हर जगह अखाड़ों के सदस्यों का पगड़ी बांधकर स्वागत किया गया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरे आयोजन के दौरान शांति और व्यवस्था बनी रही। शाम होते-होते पूरा शहर केसरिया रंग में रंग गया और भक्ति गीतों की मधुर धुनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक चले इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर रामनवमी का पर्व हर्षोल्लास और आस्था के साथ मनाया।






























































































