– निर्माण में मानकों की अनदेखी, आते-जाते लोगों को भी दिख रही कमी
बक्सर खबर। चौसा का ओवर ब्रिज 17 वर्ष के इंतजार के बाद चालू हुआ है। लेकिन, उद्घाटन से पहले ही उसका पहुंच पथ धंसने लगा है। ऐसा विभागीय अभियंताओं की लापरवाही के कारण हो रहा है। क्योंकि जहां सड़क धंस रही है। वहां पुल के खंभे पर ठोकर है। इस वजह से आते-जाते बालू के भारी ट्रकों को वहां गाड़ी का संतुलन बनाना पड़ता है। और अत्यधीक वजन के कारण कमजोर सड़क दबने लगी है। इसकी खबर मीडिया में आने के बाद से प्रशासन की किरकिरी हो रही है।
पुल जब चालू हुआ तो उस समय जिलाधिकारी साहिला भी स्वयं अवलोकन करने गई थीं। बावजूद इसके इसमें अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। अलबत्ता ठोकर वाली जगह पर थोड़ा बहुत तारकोल सनी गिट्टी डाल खानापूर्ति कर दी गई। लेकिन, बात इतने भर से बनने वाली थी नहीं। सो पास की सड़क उखड़ने लगी। उसे भी रोलर से दबा कर बालू और तारकोल छिड़क दिया गया। जिस तरह की खानापूर्ति वाला वहां काम और उसकी मरम्मत हुई है। वह किसी अभियंता की देखरेख में हुआ काम प्रतीत नहीं हो रहा। जो कमी आने-जाने वाले राहगिरों को दिख रही है।
वह आखिर अभियंता की डिग्री रखने वाले विभाग के इंजीनियर को क्यूं समझ में नहीं आ रही है। यह हाल है चौसा गोला की तरफ वाले लेन का। इधर से बालू वाले ट्रक पुल पर चढ़ते हैं। जिसके कारण सड़क दब रही है और कमजोर निर्माण की कलई खुल रही है। सूचना के अनुसार बुधवार को जिलाधिकारी ने बैठक में इसको लेकर पुल निर्माण निगम के अभियंता से सवाल जवाब किया। साथ ही दोहरे कालीकरण और सर्विस रोड समेत शेष कार्य को जल्द पूरा करने का आदेश दिया।

































































































