विश्वामित्र सेना ने मुख्यमंत्री के दौरे को बताया सनातन आस्था की जीत बक्सर खबर। भगवान वामन की अवतार भूमि और महर्षि विश्वामित्र की तपोस्थली सिद्धाश्रम यानी बक्सर में शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आगमन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका यह पहला बक्सर दौरा है, जिसे राजनीतिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर किला मैदान में उतरेगा। वहां से वे सीधे सेंट्रल जेल परिसर स्थित भगवान वामन मंदिर पहुंचेंगे। इसके बाद रामरेखा घाट के समीप पुनर्निर्मित लाइट एंड साउंड परियोजना का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर भगवान वामन मंदिर को जेल परिसर से मुक्त कराने की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है। समृद्धि यात्रा के दौरान तत्कालीन डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा था कि भक्त और भगवान के बीच जेल की चारदीवारी बाधा बनी हुई है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसा रास्ता निकालने का निर्देश दिया था, जिससे श्रद्धालुओं को बिना बाधा भगवान वामन के दर्शन हो सकें।
इसी मुद्दे को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रही विश्वामित्र सेना ने मुख्यमंत्री के इस दौरे को “सनातन आस्था की जीत” बताया है। संगठन का कहना है कि वर्षों के आंदोलन और जनदबाव के बाद अब भगवान वामन मंदिर को जेल परिसर से मुक्त कराने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे के नेतृत्व में इस मांग को लेकर लगातार धार्मिक और सामाजिक मंचों से आवाज उठाई जाती रही है। संगठन द्वारा जनजागरण और प्रशासनिक स्तर पर कई बार पहल की गई थी। राजकुमार चौबे ने कहा कि यह संघर्ष आसान नहीं था। सनातन आस्था और बक्सर की आध्यात्मिक पहचान को पुनर्जीवित करने के लिए अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन विश्वामित्र सेना अपने संकल्प से पीछे नहीं हटी। उन्होंने कहा कि भगवान वामन अवतार की मुक्ति केवल एक मंदिर का विषय नहीं, बल्कि बक्सर की सांस्कृतिक अस्मिता और सनातन चेतना की पुनर्स्थापना है। आने वाले समय में बक्सर को उसकी प्राचीन आध्यात्मिक पहचान दिलाने के लिए आंदोलन और तेज किया जाएगा।

































































































