चैती छठ को लेकर सफाई, सुरक्षा, रोशनी और चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश, निजी नावों के परिचालन पर रोक बक्सर खबर। चैती छठ पूजा की तैयारियों को लेकर नगर क्षेत्र के गंगा घाटों पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में जिलाधिकारी साहिला एवं पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने नाव के माध्यम से संयुक्त रूप से विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव कुमार पाण्डेय, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक, प्रखंड विकास पदाधिकारी साधु शरण पाण्डेय सहित कई संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने नगर परिषद को निर्देश दिया कि छठ पूजा के लिए चिन्हित पक्के घाटों के आसपास बने मिट्टी के घाटों की साफ-सफाई कराई जाए। साथ ही बैरिकेडिंग और पर्याप्त रोशनी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों से कचरा तत्काल हटाने और स्वच्छता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। छठ व्रतियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर चेंजिंग रूम, अस्थायी शौचालय और यूरिनल की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा घाटों तक जाने वाले रास्तों की मरम्मत और ड्रॉप गेट लगाने को भी कहा गया। नगर क्षेत्र के सभी छठ घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे हाई मास्ट लाइट की जांच कर उन्हें जल्द क्रियाशील करने को कहा गया, ताकि रात्रि में भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनी रहे। सदर अंचल अधिकारी को निर्देश दिया गया कि घाटों पर लाइफ जैकेट के साथ नाव, नाविक और गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित करें। वहीं, आपदा प्रबंधन विभाग को एनडीआरएफ/एसडीआरएफ टीम की प्रतिनियुक्ति कर समन्वय स्थापित करने को कहा गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके। सिविल सर्जन को घाटों पर चिकित्सकों की तैनाती और बोट क्लीनिक की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके। अनुमंडल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को छठ पर्व के दौरान यातायात प्रबंधन और विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने का निर्देश दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर 24 से 25 मार्च तक गंगा नदी में निजी नावों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है। सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्रों के छठ घाटों पर साफ-सफाई, रोशनी और गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।

































































































