कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ बक्सर खबर। शहर के बाईपास रोड स्थित बस स्टैंड के समीप रविवार को आशुतोष कुमार मिश्रा के शादी की 25वीं सालगिरह के उपलक्ष्य में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। कथा आरंभ होने से पूर्व श्रद्धालुओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष शामिल हुए। कथा के प्रथम दिन प्रख्यात कथावाचक प्रेमाचार्य पीताम्बर जी महाराज ने भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘भागवत’ का अर्थ है भाव में रत होना। उन्होंने बताया कि व्यक्ति जितना भाव और श्रद्धा के साथ भगवान की भक्ति करता है, उसे उसी अनुरूप फल प्राप्त होता है। भक्ति में लीन रहने वाले व्यक्ति का जीवन सुखमय बनता है।
महाराज ने भागवत कथा को अमृत के समान बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति कथा श्रवण करता है, वह मानो अमृत का पान करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कथा सुनने से भले ही शरीर अमर न हो, लेकिन आत्मा की अमरता सुनिश्चित होती है। इस दौरान उन्होंने लोगों को परोपकार की भावना अपनाने और एक-दूसरे की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में आशुतोष कुमार मिश्रा, रेणु मिश्रा, आदित्य कुमार मिश्रा, अतुल कुमार मिश्र एवं समस्त मिश्रा परिवार की सक्रिय भागीदारी रही। इसके अलावा क्षेत्र के कई गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा का रसास्वादन किया।






























































































