–आईआईटी पटना के प्रो. ओम प्रकाश ने छात्रों को सिखाए लीनियर अलजेब्रा और कोडिंग थ्योरी के व्यावहारिक गुर। बक्सर खबर। इटाढ़ी रोड स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी विभाग द्वारा बीजगणित एवं उसके सूचना प्रौद्योगिकी में अनुप्रयोग विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला गुरुवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। यह कार्यशाला प्रोफेसर आर. बालाकृष्णन एंडोमेंट ट्रस्ट तथा द इंडियन मैथमेटिक्स कंसोर्टियम के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें महाविद्यालय की विभिन्न शाखाओं के बीटेक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य आकर्षण आईआईटी पटना के गणित विभाग के प्रख्यात विद्वान प्रो. ओम प्रकाश का आमंत्रित व्याख्यान रहा। उन्होंने अपने संबोधन में रैखिक बीजगणित के महत्वपूर्ण सिद्धांतों- फील्ड, रिंग, वेक्टर स्पेस, रैखिक विस्तार, आधार, आयाम तथा प्रत्यक्ष योग को अत्यंत सरल एवं प्रभावी तरीके से समझाया।
प्रो. ओम प्रकाश ने इन अवधारणाओं के व्यावहारिक उपयोगों पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए विशेष रूप से बीजगणितीय कूट सिद्धांत में त्रुटि पहचान एवं सुधार की प्रक्रिया को स्पष्ट किया। उनके व्याख्यान से छात्रों को आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी में गणित की भूमिका को समझने का अवसर मिला। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. रामदयाल सिंह कुशवाहा ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि सह-समन्वयक डॉ. राज शेखर प्रसाद, डॉ. प्रेम लता एवं डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. रामनरेश राय ने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक कार्यशालाएं विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि गणित जैसे विषय की आधुनिक तकनीक में उपयोगिता को समझना आज की आवश्यकता है, और ऐसे आयोजन छात्रों को अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में प्रेरित करते हैं।

































































































