जलवायु अनुकूल कृषि पर कृषक प्रशिक्षण, 23 महिलाओं सहित कुल 46 किसानों ने लिया भाग बक्सर खबर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, पटना के निदेशक डॉ. अनूप दास के मार्गदर्शन में स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को इटाढ़ी प्रखंड के अतरौना गांव में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण जलवायु परिवर्तन के परिदृश्य में रबी के दलहनी फसल में समेकित कीट एवं व्याधि प्रबंधन विषय पर आयोजित हुआ, जिसमें 23 महिलाओं सहित कुल 46 किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य रबी की दलहनी फसलों में रोग एवं कीट से होने वाली क्षति को कम करना तथा पर्यावरण के अनुकूल, सस्ते एवं सुलभ उपायों के माध्यम से उत्पादन और आमदनी बढ़ाना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान चना, मसूर, मटर एवं अरहर जैसी प्रमुख दलहनी फसलों में लगने वाले उकठा, जड़ सड़न, झुलसा जैसे रोगों एवं फली छेदक कीट के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, पटना के प्रधान वैज्ञानिक सह सामाजिक आर्थिक एवं प्रसार विभागाध्यक्ष डॉ. उज्जवल कुमार ने किसानों को रबी दलहन के महत्व, कटाई उपरांत प्रसंस्करण एवं विपणन की जानकारी दी। उन्होंने जलवायु अनुकूल कृषि के विभिन्न पहलुओं और इसके लाभों पर भी किसानों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शून्य जुताई तकनीक के माध्यम से गेहूं की उन्नत प्रजातियों डीबीडब्ल्यू 222 एवं डीबीडब्ल्यू 316 के प्रदर्शन प्रक्षेत्र का भी निरीक्षण किया।

कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ. देवकरण ने किसानों को सलाह दी कि जो किसान सरसों, आलू एवं मटर की कटाई कर चुके हैं, वे तुरंत गरमा मूंग की बुवाई करें। इससे खेत की उर्वरता बनी रहती है तथा फसल सघनता में वृद्धि होती है। मुख्य प्रशिक्षक डॉ. रामकेवल ने दलहनी फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन के साथ-साथ भंडारण के दौरान लगने वाले कीटों के नियंत्रण की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में कृषि समन्वयक आलोक पाठक एवं किसान सलाहकार रवि कुमार ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं के बारे में किसानों को अवगत कराया। इस अवसर पर संदीप कुमार, सरफराज अहमद खान सहित कई ग्रामीणों ने सहयोग किया। वहीं, अतरौना गांव के मुखिया सचिन्द्र सिंह, बीडीओ सिंह, बांकी राम, सतेन्द्र चौबे, लालबिहारी सिंह, अशोक साह, उमेश कुमार, मुन्नी देवी, लक्ष्मीना देवी, कविता देवी, सुरेन्द्र राम, रीना देवी, सुशीला देवी एवं शमीमा बेगम सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।

































































































