दस हजार का जुर्माना भी लगा, राशि न देने पर काटनी होगी 6 माह की अतिरिक्त सजा बक्सर खबर। स्थानीय व्यवहार न्यायालय ने सोमवार को न्याय की एक मिसाल पेश करते हुए अपनी पत्नी को प्रताड़ित करने वाले एक व्यक्ति को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने नगर थाना क्षेत्र के सात साल पुराने एक मामले में फैसला सुनाते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया। यह मामला वर्ष 2017 का है, जब नगर थाना में भारतीय दंड विधान की धारा 498 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियुक्त रमेश चौधरी पिता- कन्हैया चौधरी, जो कि नगर थाना क्षेत्र के श्वेत नगर, जेल पाइप रोड का निवासी है, पर अपनी पत्नी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद, कोर्ट ने नगर थाना कांड संख्या- 317/17 की सुनवाई पूरी कर उसे सजा सुनाई।
मुख्य अभियोजक हरीश कुमार ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए ठोस साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और सटीक पैरवी के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाया। कोर्ट ने सजा का ऐलान करते हुए रमेश चौधरी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी है। जेल की सजा के साथ-साथ कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि दोषी निर्धारित जुर्माने की राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसे 06 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।































































































