श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुकदेव जन्म प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु बक्सर खबर। शहर के बाईपास रोड स्थित बस स्टैंड के समीप आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को प्रख्यात कथावाचक प्रेमाचार्य पीताम्बर जी महाराज ने भक्ति की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भक्ति ही जीवन का सार है, बाकी सब बेकार है। जीव का जन्म प्रभु भक्ति के लिए हुआ है और जो मनुष्य श्रीहरि का भजन नहीं करता, वह पशु के समान है। उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक कल्याण केवल भगवान के भजन और भक्ति से ही संभव है। यदि मनुष्य जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति चाहता है तो उसे हरिभक्ति का मार्ग अपनाना ही होगा। कथा के दौरान उन्होंने अमर कथा और शुकदेव जी के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
प्रेमाचार्य जी महाराज ने कहा कि प्रभु से बढ़कर कोई सुख और संपदा नहीं है। भागवत कथा का श्रवण करने वालों पर सदैव भगवान की कृपा बनी रहती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि कथा में प्यासे भाव से, कुछ सीखने और पाने की भावना लेकर आएं, तभी हरिकथा का वास्तविक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने मानव जीवन को अमूल्य बताते हुए कहा कि यह केवल सांसारिक भोग-विलास के लिए नहीं, बल्कि ईश्वर भक्ति के लिए मिला है। आज का मानव विषय-वस्तुओं में उलझकर अपने वास्तविक उद्देश्य को भूल गया है। यदि दृढ़ संकल्प के साथ श्रीहरि को पाने का प्रयास किया जाए, तो इससे बढ़कर कोई सुख या संपत्ति नहीं हो सकती।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि जो भी श्रद्धालु इस भागवत कथा से जुड़ता है, उसका जीवन निश्चित रूप से सफल होता है। बिना किसी भेदभाव के यह कथा सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करती है और जो कुछ नहीं मांगते, उन्हें भी मोक्ष की राह पर अग्रसर करती है। इस अवसर पर भाजपा नेता प्रदीप राय, पूर्व जदयू नेता एवं वर्तमान एमएलसी प्रत्याशी मनोज उपाध्याय तथा बबली दुबे की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम में मुख्य यजमान आशुतोष मिश्रा, रेणु मिश्रा, आदित्य कुमार मिश्रा, अतुल कुमार मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन संध्या पांच बजे से रात्रि नौ बजे तक जारी रहेगा।































































































