–साबित खिदमत हॉस्पिटल में डॉ. दिलशाद और डॉ. मनीष ने दी व्यावहारिक जानकारी, स्कूलों में भी चलेगा अभियान बक्सर खबर। रोटरी क्लब के पीपीएच कैंप के तहत शनिवार को शहर के चीनी मिल मोहल्ला स्थित साबित खिदमत हॉस्पिटल में सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में लगभग डेढ़ सौ मरीजों एवं उपस्थित लोगों को जीवनरक्षक तकनीक की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सत्र का नेतृत्व डॉ. दिलशाद आलम एवं डॉ. मनीष कुमार ने किया। इस दौरान प्रतिभागियों को हृदयाघात की स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार देने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर और सही तरीके से दिया गया सीपीआर हार्ट अटैक के हजारों मरीजों की जान बचा सकता है। डॉ. दिलशाद आलम ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि सीपीआर देते समय एक मिनट में लगभग 100 कंप्रेशन दिए जाने चाहिए।
30 कंप्रेशन के बाद दो बार मुंह से सांस देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सीने को लगभग 6 सेंटीमीटर तक दबाया जा सकता है, जिससे हृदय की धड़कन को पुनः सक्रिय करने में मदद मिलती है। सही स्थान और सही तकनीक का अभ्यास जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉ. आलम ने कहा कि रोटरी क्लब का पीपीएच कैंप केवल मेडिकल कैंप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत सीपीआर प्रशिक्षण, ड्रग डी-एडिक्शन जागरूकता, स्कूल हेल्थ अवेयरनेस जैसे कई सामाजिक कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में संत मैरी स्कूल सिमरी सहित डुमरांव के कुछ स्कूलों में भी यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, क्योंकि बच्चों में सीखने की क्षमता अधिक होती है और वे इस ज्ञान को समाज में आगे बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ते हृदयाघात के मामलों को देखते हुए समाज के हर नागरिक का दायित्व है कि वह इस तरह के कार्यक्रमों में भाग ले और जीवनरक्षक तकनीकों को सीखे। कार्यक्रम में डॉ. दिलशाद आलम, पूर्व रोटरी अध्यक्ष डॉ. मनीष पांडेय, मनोज कुमार वर्मा, राहुल, एसएम साहिल, रामाधार, सुनील कुमार, रानू सिंह, राहुल कुमार, प्रमोद कुमार, सनम, जानकी, अंजलि, हसीना, सोनू, निजामुद्दीन सहित अनेक सदस्य एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।



































































































