कितने में बन रही है कहानी, नगर भवन में टपक रहा है बारिश का पानी

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बक्सर खबर। बक्सर का नगर भवन आए दिन चर्चा में रहता है। बनने से पहले उपेक्षा के कारण चर्चा में रहा। बनकर तैयार होने के बाद अपनी झमता को लेकर। क्योंकि तब शहर में वैसा कोई भवन नहीं था। जहां विपरीत मौसम में कार्यक्रम हो सके। निर्माण कराने वाले जिलाधिकारी संदीप पौड्रिंक का नाम लोग आज भी जानते हैं। क्योंकि उनके जमाने में बने भवन आज भी तनकर खड़े हैं। लेकिन, उन जगहों पर लगे उपस्कर, संसाधन और बिजली के उपकरण। अक्सर खराब होते हैं। यही हाल है नगर भवन का। यहां बार-बार काम होता है। कुछ समय बाद उसकी हालत बदतर हो जाती है।

शौचालय की तरफ का हिस्सा

कुछ वर्ष पहले अजय यादव ने काम कराया था। आगे से नगर भवन का नक्शा ही बदल गया। लेकिन एक बार फिर उसकी हालत खस्ता हो चुकी है। उसका हाल सुधारने के लिए काम चल रहा है। इस लिए नगर भवन का इस्तेमाल सरकारी अथवा निजी कार्य के लिए नहीं हो रहा। लेकिन, मरम्मत का कार्य कौन कर रहा है। इसकी जानकारी आम जन को नहीं है। न ही वहां योजना का कोई बोर्ड लगा है। हालाकि मरम्मत और रंग-रोगन का कार्य लगभग पूरा हो गया। लेकिन, एक दिन पहले हुई बारिश ने इसकी सच्चाई को सामने ला दिया है। क्योंकि नगर भवन की छत टपक रही है। काम करने वालों को यह पता चला तो वे सीढ़ियां लगाकर जगह तलाश रहे हैं। जहां से पानी नीचे आ रहा है।

वहीं दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि छत में लगी पुरानी सीमेंट की चादरों को बदला नहीं गया। इस वजह से ऐसा हो रहा है। सच जो भी हो। सवाल सबके सामने है। नगर भवन में हो रहा मरम्मत का काम बेमरम्मत हो रहा है। समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो हालत जैसी थी। वैसी होने में देर नहीं लगेगी। क्योंकि, जनता का पैसा इस देश में अक्सर बह जाता है। अगर बारिश हुई तो इसकी रफ्तार और तेज हो जाती है। इस खबर की तरफ बक्सर खबर का ध्यान फेसबुक पर एक युवा के पोस्ट को देखकर गया। वहां जाने पर पता चला। इकलौते नगर भवन में अनेक खबरें दफन हो रही हैं। जिसका सिलसिला चलना चाहिए। शायद किसी ईमानदार पदाधिकारी की नजर इधर जाए और कुछ बात बने।