बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा, डीएम ने दिए अलर्ट मोड में रहने के निर्देश

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नावों के लिए कड़े नियम लागू, सम्पूर्ति पोर्टल के जरिए घर-घर सर्वे कर राहत की तैयारी शुरू                              बक्सर खबर। संभावित बाढ़ को देखते हुए बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने और विभागीय निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सुरक्षित नौका संचालन को लेकर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि नौका नियमावली 2011 का पूर्ण अनुपालन कराया जाए। शहर के प्रमुख घाटों की निगरानी के लिए अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित कर नावों के संचालन पर सतत नजर रखने को कहा गया है। डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर और डुमरांव को निर्देशित किया कि महत्वपूर्ण घाटों पर शिविर लगाकर अधिक से अधिक नावों का निबंधन सुनिश्चित करें। ओवरलोडिंग तथा रात्रि में नाव संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही हर नाव में लाइफ जैकेट, रस्सी और सुरक्षा छल्ला जैसे जीवन रक्षक उपकरण रखना अनिवार्य कर दिया गया है। खराब मौसम में नाव संचालन पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ पूर्व तैयारी के तहत संभावित प्रभावित परिवारों का घर-घर सर्वे कर ‘सम्पूर्ति पोर्टल’ को अद्यतन करने को कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा प्रशिक्षित गोताखोरों, स्वयंसेवकों, पंचायत स्तरीय राहत समितियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा करने पर भी बल दिया गया। मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को नालों की सफाई, कचरा प्रबंधन और जल जमाव वाले ब्लैक स्पॉट की पहचान कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बक्सर और डुमरांव के एसडीओ को बक्सर-कोइलवर तटबंध का संयुक्त निरीक्षण करने को कहा गया है। बाढ़ राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई केंद्रों को भी पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

इधर, नावों के निबंधन को लेकर प्रशासन ने विशेष अभियान भी शुरू किया है। बक्सर अनुमंडल क्षेत्र के रामरेखा घाट पर आयोजित शिविर में 41 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि चौसा के महादेव घाट पर एक आवेदन जमा हुआ। यह विशेष शिविर गुरुवार को भी सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें शेष नाविकों से आवेदन लिए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गंगा नदी में संचालित सभी छोटे-बड़े नावों का निबंधन अनिवार्य है। बिना निबंधन और अनुज्ञप्ति के नाव संचालन को दंडनीय अपराध माना जाएगा और पकड़े जाने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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