25 दिनों के अंतराल पर होगी बुकिंग, आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट बक्सर खबर। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। आपूर्ति में कमी की अफवाहों के कारण गैस एजेंसियों पर उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए सदर एसडीएम अविनाश कुमार ने कड़े कदम उठाए हैं। गुरुवार को गैस एजेंसी संचालकों और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की कोई वास्तविक किल्लत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ने भी अफवाहों का फायदा उठाकर कालाबाजारी या जमाखोरी की, तो उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एजेंसियों पर उमड़ने वाली भीड़ और विधि-व्यवस्था की समस्या को देखते हुए एसडीएम ने त्वरित निर्णय लेते हुए प्रमुख गैस एजेंसियों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी है। इसके अतिरिक्त, डायल 112 और स्थानीय थानों की गश्ती टीम को भी लगातार गैस एजेंसियों के आसपास भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया गया है। एसडीएम द्वारा जारी मुख्य निर्देश: अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए उपभोक्ताओं के घरों तक सिलेंडर पहुंचाने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक एजेंसी को अपने कार्यालय के बाहर एक सूचना पट्ट लगाना होगा, जिसमें प्रतिदिन के स्टॉक (आगम, वितरण और अवशेष) की जानकारी देनी होगी। डिलीवरी के समय उपभोक्ताओं को कैशमेमो देना अनिवार्य होगा और निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लेने पर कार्रवाई होगी। अस्पताल, जेल, स्वास्थ्य केंद्रों और हॉस्टलों के लिए गैस आपूर्ति में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी। सभी एजेंसियों को प्रतिदिन शाम 4 बजे तक अपने स्टॉक और वितरण की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपनी होगी।

बैठक के दौरान संचालकों ने बताया कि किल्लत की अफवाह के कारण अचानक बुकिंग की संख्या बढ़ गई है। वर्तमान व्यवस्था के तहत, अंतिम डिलीवरी के 25 दिनों के बाद ही दूसरे सिलेंडर की बुकिंग सुनिश्चित की जा रही है ताकि सभी को समान रूप से गैस मिल सके। एसडीएम ने प्रखंड आपूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में अवैध भंडारण, घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी की जांच के लिए औचक छापेमारी करें। सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार देव को इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए अनुमंडल स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
































































































