बक्सर खबर। केन्द्र की सरकार ने कश्मीर के साथ जो किया है। वह गलत है। यह बात लाल झंड़े के नीचे काम करने वाले संगठन के लोगों ने कहीं। आज मंगलवार को शहर में हिरोशिमा दिवस के मौके पर प्रदर्शन किया गया। इसे शांति मार्च का नाम दिया गया था। हाथ में युद्ध के हालात पैदा न हों का बैनर लिए यह लोग सरकार के विरोध में थे। किला मैदान से लेकर भ्रगत सिंह चौक तक हुए प्रदर्शन का आयोजन संयुक्त रुप से ऐप्सो,एआईएसएफ, सीपीआई, प्रलेसं ने किया था।

इनकी मांग थी। जम्मू-कश्मीर में यथास्थिति बहाल की जाए। वहां लोकतंत्र द्वारा प्रदत अधिकारों का हनन हुआ है। कश्मीरियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को अक्षुण्ण रखते हुए पूर्व स्थिति बहाल की जाए। ताकि अमन चैन स्थापित हो सके। हम युद्ध की,हथियारों के अंतहीन होड़ की, शोषण एवम दमन के नीतियों की, नव औपनिवेशिक, नव साम्राज्यवादी लूट की, फासीवादी, तानाशाही प्रवृत्तियों की पुरजोर मुखालफत करते हैं। ताकि कोई और हिरोशिमा,कोई और नागासाकी न हो। इस मार्च में ऐप्सो के राष्ट्रीय सचिव दीपक राय, प्रलेसं के कुमार नयन, एआईएसएफ के बिमल कुमार, सरिता, प्रिन्स, अंकित, विकास ठाकुर, रौनक तथा सीपीआई के नागेन्द्रमोहन, जितेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश सिंह, रघुनाथ सिंह, महेन्द्र, बैजनाथ, बबन सिंह, शिवशंकर सिंह, अमित इत्यादि शामिल रहे।

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