चौबीस घंटे में केन्द्रीय जेल के दो कैदियों की मौत

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बक्सर खबर। चौबीस घंटे के दौरान केन्द्रीय जेल में बंद दो कैदियों की मौत हो चुकी है। यह दोनों मरने वाले सजावार बंदी थे। लेकिन इनकी मौत जेल प्रशासन के लिए बहुत बड़ा प्रश्न है। जेल प्रशासन का दावा है, इनकी मौत उपचार के दौरान हुई। लेकिन सूत्रों का कहना है जिसकी मौत शुक्रवार को हुई। वह तो बहुत पहले से बीमार था। लेकिन आज शनिवार की सुबह जिसकी मौत हुई वह जेल में हुई। इसकी वजह उसका उचित उपचार नहीं होना है।

पूछने पर जेल अधीक्षक विजय अरोड़ा ने कहा दोनों कैदी 60 पार थे। शुक्रवार को अयोध्या यादव की मौत हुई। वे 65 वर्ष से अधिक आयु के थे। आज परमेश्वर पाल की मौत हुई। उनकी उम्र भी लगभग उतनी ही है। वे कैमुर जिला अंतर्गत ग्राम सातो एवती थाना रामगढ़ के निवासी थे। यहां दहेज हत्या के मामले में सात वर्ष की सजा काट रहे थे। उन्हें कैमुर के न्यायालय से सजा हुई थी। उनकी हालत खराब होने पर सुबह पांच बजे ही सदर अस्पताल भेजा गया। लेकिन पौने दस बजे के लगभग उनकी मौत हो गई।


नहीं है कोई मुखाग्नि देने वाला, पड़ा है शव
बक्सर खबर। दो कैदियों की हुई लगातार मौत के बाद जेल प्रशासन कठघरे में है। यह कैसे और क्यूं हुआ? यह पूछने पर जेल अधीक्षक विजय ने बताया दोनों बंदियों की अलग कहानी है। अयोध्या यादव के शरीर में हिमोग्लोबिन नहीं बन रहा था। स्वास्थ्य लाभ के लिए सदर अस्पताल में दाखिल कराया गया। यहां सात यूनिट खून चढ़ाया गया। सुधार नहीं हुआ तो पटना भेजा गया। वहां से एक दिन पहले पीएमसीएच ने उसे वापस भेज दिया। लेकिन डाक्टरों ने देखा की उसकी तबीयत अभी भी खराब है। शुक्रवार को फिर सदर अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन उसकी मौत हो गयी। वे हत्या के मामले में सजा काट रहे थे। दूसरे बंदी परमेश्वर पाल की मौत भी बीमारी से हुई है। शनिवार की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। उनका शव अभी भी जेल परिसर में रखा हुआ है। वजह उनको मुखाग्नि देने वाला कोई नहीं है। उनका पुत्र भी इसी जेल में बंद है। पत्नी बक्सर की महिला जेल में। अर्थात पूरा परिवार सजा काट रहा है। दहेज हत्या से जुड़े मामले में परमेश्वर को सात वर्ष की सजा मिली थी। एवं पुत्र को आजीवन कारावास। जेल अधीक्षक ने कहा अंतिम संस्कार के लिए जेल प्रशासन स्वयं प्रबंध कर रहा है। जिलाधिकारी से अनुमति मांगी गई है। उनके पुत्र को मुखाग्नि देने के लिए श्मशान घाट जाने की अनुमति मिले। वहां से आदेश मिलते ही उनका अंतिम संस्कार पुत्र के हाथों संपन्न कराया जाएगा।

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