सरकार के फैसले को बताया ऐतिहासिक, कार्यकर्ताओं ने जताया आभार बक्सर खबर। ‘विश्वामित्र पथ’ परियोजना को सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के एक दिन बाद विश्वामित्र सेना ने इसे अपने वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताते हुए फैसले का जोरदार स्वागत किया है। संगठन ने इसे क्षेत्र के विकास और सनातन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने कहा कि लंबे समय से संगठन द्वारा जनजागरण और अधिकारों को लेकर लगातार आंदोलन चलाया जा रहा था। अब सरकार द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति मिलना इस बात का प्रमाण है कि उनका संघर्ष सही दिशा में था और अब उसका सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है।
राजकुमार चौबे ने कहा कि ‘विश्वामित्र पथ’ परियोजना बक्सर की पहचान को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में सहायक होगी। इससे गंगा तट से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास होगा तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सड़क निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक विकास, आस्था और सांस्कृतिक गौरव को सशक्त करने का माध्यम बनेगा। सरकार के इस निर्णय से स्थानीय लोगों में भी उत्साह का माहौल है। हालांकि विश्वामित्र सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी अन्य प्रमुख मांगें- विश्वामित्र कॉरिडोर और बक्सर एयरपोर्ट का निर्माण अब भी शेष हैं। इन मांगों को लेकर संगठन आगे भी अपनी लड़ाई जारी रखेगा। अंत में संगठन के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस फैसले के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।




























































































