-जिलाधिकारी और सदर विधायक की भूमिका रही अहम, पहले डीएम का भी योगदान
बक्सर खबर। लंबे इंतजार के बाद केन्द्रीय विद्यालय बक्सर को 3.18 एकड़ भूमि मिल गई है। ग्यारह नंबर लॉक के समीप सिंचाई विभाग की जमीन दो दिन पहले ही विद्यालय को मिली है। लेकिन, जब से भूमि के निबंधन की जानकारी सदर विधायक आनंद मिश्रा ने मीडिया के साथ साझा की। इसका श्रेय लेने वालों ने सोशल मीडिया पर गदर काट रखा है। कुछ लोगों ने तो यहां तक लिखा, हमने सांसद को संदेश भेजा है। लोकसभा में यह बात उठेगी। कोई खुद को भूमि से पोल तार हटाने वाला बता रहा है। कोई भूमि दिलाने वाला। इस विद्यालय की शुरुआत 2003-04 के मध्य बक्सर के निवर्तमान सांसद रहे लालमुनी चौबे के प्रयास से हुई थी। तब एमपी हाई स्कूल में संचालन के लिए जगह मिली। लेकिन, कुछ वर्षों बाद भूमि के अभाव में लगा यह बंद हो जाएगा।
विभिन्न सामाजिक संगठन और इस विद्यालय से जुड़े पूर्ववर्ती छात्रों ने भी इसके लिए अनेक लोगों को ज्ञापन दिया। लेकिन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सकारात्मक रुख नहीं होने के कारण भूमि मिलने का प्रस्ताव ही सरकार के स्तर से मंजूर नहीं हुआ। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में जिलाधिकारी अमन समीर और अंशुल अग्रवाल के बेहतर प्रयास के कारण भूमि चिह्नित कर विभाग को मजबूत प्रस्ताव दिया गया। सरकार का रुख केन्द्रीय विद्यालय के प्रति नरम हुआ और वर्ष 2025 के समाप्त होने से पूर्व सरकार ने लीज पर भूमि देने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया। इसी बीच विधानसभा चुनाव संपन्न हुए और जिलाधिकारी और विधायक दोनों बदल गए। पुरानी सरकार पुन: सत्ता में आई जिसने भूमि का प्रस्ताव मंजूर किया था। सो 17 फरवरी को लीज का काम विद्यालय की प्रधानाध्यापक मीनाक्षी निर्मल व सदर के अंचल अधिकारी राहुल शंकर के हस्ताक्षर से पूरा हुआ।

सहायक जिला निबंधन पदाधिकारी व सदर विधायक आनंद मिश्रा के सहयोगियों की मौजूदगी में यह काम पूरा हुआ। और इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी हुई। जिसमें विधायक अनंद मिश्रा ने लिखा। बक्सर के प्रतिनिधि बनने के 100 दिनों के अंदर एक बहुत बड़ा काम पूरा हुआ। इसके लिए मुख्यमंत्री जी, प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद। जिलाधिकारी बक्सर, सीओ, प्रधानाध्यापक के सहयोग से यह काम पूरा हुआ। इसके लिए इन सभी समेत बक्सर की जनता को बधाई। फिर क्या था, कई लोगों की चेतना सुलग गई। पुराने दस्तावेज व खबरों की कतरन सोशल मीडिया पर तैरने लगी। बहरहाल जो हुआ सो हुआ। जिसके कार्यकाल में काम पूरा हुआ। उसको तो श्रेय मिलना ही है। जमीन के हस्तांतरण के संबंध में जब अंचल अधिकारी राहुल शंकर से बात होने लगी तो उन्होंने बताया। दीपक कुमार सिंह सर उस समय राजस्व विभाग के एसीएस थे। उनकी सहमति से ही केन्द्रीय विद्यालय को भूमि देने का प्रस्ताव मूर्त रुप में आया। यहां एक और बात जानने लायक है। दीपक कुमार जो फिलहाल मुख्यमंत्री से सचिव हैं। वे बक्सर के पहले जिलाधिकारी (कार्यकाल के अनुसार) भी रहे हैं। बक्सर से उनका लगाव प्रारंभ से रहा है। उनके योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता।





























































































