दो बच्चों को खोने वाली धाना नहीं जानती भूख का मतलब

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बक्सर खबर। कोरानसराय गांव के दलित टोला में बसा शिवकुमार बासफोर का परिवार इन दिनों प्रशासन, मीडिया और नेताओं की नजर में है। वहां पिछले तीन-चार दिनों से लगातार लोग आ-जा रहे हैं। इसे गरीबी का मार कहें या उस मां का कठोर कलेजा। जो अपने बच्चों को खोने के गम लिए सबके सवालों का जवाब दे रही है। कई राजनीतिक दलों के लोगों ने उससे बात की। प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे। भूख से उसके बच्चों की हुई मौत जैसी खबर आने के बाद उसका बयान कलम बंद किया जा रहा है। उसके कितने बच्चे हैं। जो बच्चे अभी हैं उनकी जांच हो रही है। लेकिन, वे कुपोषण के शिकार नहीं है।

इसकी रिपोर्ट भी आज गुरुवार को डुमरांव एसडीओ ने जारी की। जो दो बच्चे अब नहीं रहे। उनकी मौत बीमारी से हुई है। इस परिवार को अंत्योदय योजना से अनाज मिल रहा है। यह रिपोर्ट आज सार्वजनिक की गई। जिसमें कहा गया अब तक की जो खबरें आई हैं वह भ्रामक है। अर्थात प्रशासन ने इस समस्या का हल निकाल लिया है। एक बच्ची की उम्र आठ माह बताई गयी है। जिसकी मौत बीमारी से हुई। अर्थात आंगनबाड़ी के स्तर से भी इस हालात की जानकारी पहले से मिली होगी। क्योंकि नवजात बच्चों की देखभाल के लिए वहां से भी काम होता है। बीमारी की जानकारी जरुर ही बाल विकास कार्यलय और स्वास्थ्य केन्द्र को भेजी गई होगी। क्योंकि एक नहीं दो-दो बच्चों की मौत वहां हो चुकी है। यह भी हो सकता है प्रशासन ने उसका भी कोई हल निकाल लिया हो।

पीडि़त परिवार से बात करते पूर्व सांसद

प्रशासन ही बताए किस वजह से हुई मौत : जगदानंद सिंह
बक्सर खबर। राजद के पूर्व मंत्री व सांसद जगदानंद सिंह बुधवार को धाना से मिलने कोरानसराय गए। उनके साथ आलोक मेहता और शिवचन्द्र राम भी वहां पहुंचे। इन लोगों ने भी उससे मुलाकात की। परिवर का हाल अपनी आंखों से देखा और प्रशासन से सवाल किया। मान लिया उसकी मौत भूख से नहीं हुई। तो प्रशासन ही बताए किन कारणों से उसकी मौत हुई है। यह प्रश्न पूरे सिस्टम पर है।
पूर्व मुख्यमंत्री जितन राम माझी भी आएंगे कोरानसराय
बक्सर खबर। प्रशासनिक सूचना के अनुसार शुक्रवार को कोरानसराय में पूर्व मुख्यमंत्री जितन राम माझी भी पहुंचने वाले हैं। दोपहर के वक्त पटना से वे वहां जाएंगे। इसकी सूचना प्रशासनिक अमले को भी दे दी गई है। अब उनके सामने दो बच्चों की मां धाना क्या दर्द सुनाती है। यह तो आने वाला समय ही बताएगा। क्योंकि अब तक जो बयान उसने दिए हैं। वह तो प्रशासन की नजरों में सच से दूर हैं।

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