अपहृत बालक की हत्या, विरोध में एनएच जाम

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बक्सर खबर। सिमरी के दुद्धी पट्टी से आठ जून को दस वर्षीय शशांक का अपहरण कर लिया गया था। यह बालक अपने ननिहाल में मां के साथ आया था। मामा करुणानिधि राय ने उसी दिन पुलिस को सूचना दी। लेकिन उसे अगवा करने वाले उत्तर प्रदेश भाग चुके थे। पुलिस ने पूछताछ की लेकिन अपहरण के कारणों के बारे में पता नहीं लगा पाई। इस बीच दस जून की सुबह उस बालक का शव गाजीपुर जिला मुख्यालय में गंगा सेतु के समीप देखा गया।

वहां की पुलिस पूरे दिन यह पता लगाने में जुटी रही। यह शव कहां से आया। पंचनामा में पता चला उसके हाथ-पैर तोड़ दिए गए हैं। चाकू से गोदकर उसकी निर्मम हत्या की गई है। इस बीच सोशल मीडिया के द्वारा गाजीपुर पुलिस को पता चला बालक का नाम शशांक है और उसका अपहरण बक्सर के सिमरी गांव से हुआ है। वहां से तत्काल इसकी सूचना बक्सर पुलिस को मिली। परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो उनका कलेजा फट पड़ा। सभी पुराना भोजपुर चौक पहुंचे और एनएच 84 को जाम कर धरने पर बैठ गए। मौके पर मृत बालक की मां भी बैठी है। लोग प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। शशांक को न्याय मिले इसकी मांग हो रही है।

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क्या है घटना क्रम
बक्सर। सूचना के अनुसार शशांक उत्तर प्रदेश के बलियां जिला, ग्राम भांटी, थाना शिकंदरपुर का निवासी था। उसके पिता का नाम राकेश राय उर्फ रिंकू है। वह पांच भाई बहन है। अपनी मां के साथ पांच जून को वे लोग गर्मी की छुट्टी में ननिहाल आए थे। आठ जून को उसका अपहरण कर लिया गया। नौ जून को अपहर्ताओं ने उसकी हत्या कर शव को गाजीपुर गंगा ब्रिज के पास फेक दिया। दस तारीख की सुबह वहां की पुलिस ने शव को बरामद किया। संभावित पहचान होने की स्थिति में रात के वक्त परिजनों को इसकी सूचना दी गई।


नहीं स्पष्ट हो पा रहा है हत्या का कारण
बक्सर। पुलिस यह पता नहीं लगा पायी है कि शशांक की हत्या के पीछे क्या कारण है। परिजन भी इस सिलसिले में कुछ नहीं बता पा रहे हैं। वैसे यह माना जा रहा है इसके पीछे उत्तर प्रदेश के लोगों का ही हाथ है। क्योंकि अपहरण करने वाले उसी दिन लेकर उसे यूपी भाग गए थे। शव भी मिला तो गाजीपुर में। इस बीच हत्या का कारण क्या है। यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।

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