– प्रस्ताव लाने वाले दस सदस्य ही हो सके उपस्थित, सत्ता पक्ष अयोध्या दर्शन कर लौटा घर
बक्सर खबर। जिला परिषद की अध्यक्ष सरोज देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया है। मंगलवार को मत विभाजन के लिए प्रशासन ने समय दिया था। अविश्वास को पारित करने के लिए 11 सदस्यों की जरुरत थी। लेकिन, दस सदस्य ही डीडीसी के समक्ष उपस्थित हुए। यह संख्या अविश्वास प्रस्ताव को पारित करने के लिए नाकाफी थी। क्योंकि बक्सर जिले में जिला परिषद सदस्यों की संख्या 21 है। इसमें बहुमत की संख्या 11 है। और अन्य सभी ग्यारह सदस्य जिला परिषद अध्यक्ष सरोज देवी के पति गामा यादव के साथ अयोध्या धाम पहुंचे हुए थे।
उन लोगों ने वहां राम लला का दर्शन किया। बुधवार को वे सभी सदस्य वापस लौटे। इस संबंध में पूछने पर परमा यादव ने कहा हम लोग सबके सामने हाथ जोड़कर रहने वाले लोग हैं। विकास में बाधा पैदा करने वाले लोगों ने हमें परेशान करने का प्रयास किया। लेकिन, पूज्य जीयर स्वामी जी महाराज के हम लोग शिष्य हैं। उनकी प्रेरणा से हमने धैर्य से काम लिया। यहां किसी को परेशान नहीं किया। जैसे ही अविश्वास का प्रस्ताव आया। हमने अगले सात दिन बाद का समय स्वीकृत किया। प्रशासन ने प्रशासनिक औपचारिकता पूरी करने के बाद मत विभाजन के लिए 7 अप्रैल की तिथि तय की थी।
हम लोग यहां से निकल गए। क्योंकि राजनीतिक वैमनस्यता रखने वाले झूठे आरोप भी लगा सकते थे। सो हमने अनुपस्थित होकर यह साबित किया। विपक्ष के पास अविश्वास के लिए जरुरी संख्या बल नहीं है। इस प्रस्ताव की जितनी निंदा हो कम है। क्योंकि अब कुछ ही माह बाद पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होगी। ऐसे में अविश्वास का मतलब सिर्फ विकास में बाधा बनना था। जबकि इससे पहले जो लोग इस पद पर थे। उनके कार्यकाल में एक भी कार्य जिले में नहीं हुआ। जो भी विकास कार्य जिला परिषद के द्वारा हुए हैं। वह हमारे कार्यकाल के परिश्रम की देन है।






























































































