मां से इफ्तार पार्टी का मतलब पूछ अनुशासन के साथ निभाया रमजान का फर्ज बक्सर खबर। पवित्र रमजान के चौथे रोज रविवार को शहर के अकीदतमंदों ने पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ रोजा रखा। इसी क्रम में स्टेशन रोड स्थित सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. निसार अहमद के घर खुशियों का खास माहौल देखने को मिला, उनके पौत्र अयान ने महज छह वर्ष छह माह की उम्र में अपनी जिंदगी का पहला रोजा रखा। अयान शहर के प्रतिष्ठित वुड स्टॉक स्कूल में कक्षा प्रेप का छात्र है। उसके पिता मोहम्मद कामरान उर्फ रिंकू और माता सना परवीन ने बताया कि रमजान के पहले रोजे के दिन इफ्तार के समय अयान ने उत्सुकतावश पूछा था कि आप लोग पार्टी क्यों कर रहे हैं? तब उसकी मां ने उसे रोजा और इफ्तार की अहमियत समझाई। इसके बाद से ही अयान रोजा रखने की जिद करने लगा था।
रविवार को स्कूल की छुट्टी होने के कारण परिवार ने उसकी इच्छा का सम्मान किया। मां ने उसे सहरी खिलाकर रोजे की नियत कराई। अयान ने पूरे दिन अल्लाह को याद करते हुए सब्र और अनुशासन के साथ रोजा रखा। शाम को इफ्तार के समय वह पूरे इत्मीनान के साथ परिवार के सदस्यों के बीच बैठा और रोजा खोला। परिवार के सदस्यों ने बताया कि अयान की इस पहल से घर में खुशी और गर्व का माहौल है। उसका एक छोटा भाई भी है, जिसका नाम रुहान है। अयान के पहले रोजे को लेकर परिजनों ने उसे दुआओं से नवाजा।
































































































