भेदभावपूर्ण नियम वापस लो के नारे, डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन बक्सर खबर। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) द्वारा हाल ही में प्रस्तावित एवं लागू किए गए नए नियमों के विरोध में गुरुवार को जनरल कैटेगरी के छात्र एवं सवर्ण समाज के लोगों ने शहर में जोरदार आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च गोलंबर से शुरू होकर वीर कुंवर सिंह चौक तक पहुंचा, जहां यह एक जनसभा में तब्दील हो गया। आक्रोश मार्च में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया और यूजीसी गो बैक, सामान्य वर्ग के छात्रों पर ज्यादती नहीं सहेंगे, छात्रों को बांटना बंद करो जैसे नारे लगाते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मार्च के दौरान जगह-जगह युवाओं ने सड़क पर बैठकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। वीर कुंवर सिंह चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता से जुड़े नए प्रावधानों में गंभीर विसंगतियां हैं, जो संविधान की मूल भावना के विपरीत हैं। प्रदर्शनकारियों ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपते हुए इन नियमों पर पुनर्विचार की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 विधि के समक्ष समानता और भेदभाव निषेध की गारंटी देते हैं, लेकिन यूजीसी के नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा एकतरफा रखी गई है, जिससे केवल कुछ वर्गों को ही संरक्षण मिलता है। इससे समान अधिकार और न्याय की संवैधानिक मर्यादा प्रभावित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि नए नियमों में गलत या दुर्भावनापूर्ण शिकायत करने वालों के खिलाफ दंडात्मक प्रावधानों को हटा दिया गया है, जिससे शिक्षण संस्थानों में व्यक्तिगत रंजिश के चलते निर्दोष छात्रों और शिक्षकों के उत्पीड़न की आशंका बढ़ गई है। न्याय की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसे प्रावधानों को तत्काल बहाल किए जाने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में संपन्न ओबीसी वर्ग को मिलने वाले अनुचित लाभ के कारण वास्तविक रूप से गरीब और मेधावी छात्र उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित हो रहे हैं। केवल जातिगत पहचान के आधार पर प्रशासनिक दबाव बनाना संस्थानों की स्वायत्तता और मेरिट की भावना के खिलाफ है। आक्रोश मार्च में सुशील कुमार राय, दिवाकर पाठक, नवीन निश्चल चतुर्वेदी, जितेंद्र ठाकुर, सतीश चंद्र त्रिपाठी, विनोद राय, आशानंद सिंह, मनोज सिंह, जयप्रकाश राय, धनंजय राय, चंदन सिंह, अविनाश पांडेय, विवेक सिंह, अजय राय, डॉ. श्रवण तिवारी, अमित सिंह सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।






























































































