97.66 पर्सेंटाइल के साथ जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई, अब 99+ पर्सेंटाइल का लक्ष्य बक्सर खबर। डुमरांव के मूल निवासी और वर्तमान में बेंगलुरु में रह रहे श्रेयस श्रीवास्तव ने जेईई मेन 2026 (जनवरी सत्र) में 97.66 पर्सेंटाइल अंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने जेईई एडवांस के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। श्रेयस बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। विज्ञान और गणित विषयों में उनकी विशेष रुचि रही है तथा माध्यमिक परीक्षा सहित विभिन्न शैक्षणिक व विज्ञान प्रतियोगिताओं में वे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। वर्ष 2024 में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए उन्हें उत्तर बेंगलुरु क्षेत्र में शीर्ष स्थान प्राप्त करने पर कर्नाटक सरकार के राजस्व मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया था। उनके पिता संजय श्रीवास्तव, लाला टोली रोड, डुमरांव के निवासी हैं। वे भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त जूनियर कमीशंड ऑफिसर हैं और वर्तमान में भारत सरकार के संचार मंत्रालय में कार्यरत हैं।
परिवार की अनुशासन और परिश्रम की परंपरा ने श्रेयस को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। श्रेयस का लक्ष्य केवल यहीं तक सीमित नहीं है। वे जेईई एडवांस में उत्कृष्ट रैंक हासिल कर देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान से शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं। साथ ही अप्रैल 2026 में होने वाले जेईई मेन के दूसरे प्रयास में 99 पर्सेंटाइल से अधिक अंक लाने के लिए निरंतर मेहनत कर रहे हैं। श्रेयस की छोटी बहन शानवी श्रीवास्तव ने भी कम उम्र में असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया है। गणित के क्षेत्र में अपनी विलक्षण क्षमता के बल पर उन्होंने वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। मात्र सात वर्ष की आयु में जटिल गणितीय सूत्रों का स्मरण और शुद्ध उच्चारण कर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। परिवार की इस दोहरी उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। डॉ. मनीष कुमार शशि, संजीव कुमार, जावेद, धीरेंद्र कुमार निराला सहित अनेक गणमान्य लोगों ने श्रेयस और शानवी को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
































































































