बक्सर खबर। एक क्षण में किस्मत किसी को क्या से क्या बना देती है, यह सिंघनपुरा के शशिकांत ओझा को देखकर समझा जा सकता है। चार दिन पहले तक शशिकांत गांव वालों के जेहन में बस शशिकांत थे। लेकिन दो दिन पहले वह लाल तब हो गए जब सीधी भर्ती के तहत उनका चयन जिला जज के पद पर होने की सूचना गांववालों को हुई। जज बनने के बाद बेटा पहली बार गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने गाजे बाजे के साथ उसका स्वागत किया।
स्वागत करने लिए डुमरांव स्टेशन पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे। शशिकांत जैसे ही फरक्का एक्सप्रेस से उतरे गांव वाले उन्हें फूल माला से लाद दिए। कोई बाहों में भर रहा था तो कोई बलैया ले रहा था। शशिकांत की इस सफलता पर गांव का हर शख्स खुशी से इतरा रहा था। डुमरांव से शशिकांत को लेकर जुलूस के रूप में ग्रामीण सिंघनपुरा पहुंचे। गांव पहुंचने पर शशिकांत ने सबसे पहले काली मंदिर और शिवालय में मात्था टेक देवी देवता का आशीर्वाद लिया। इसके बाद पूरे गांव में जुलूस के रूप में घूमकर लोगों का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह घर पहुंचे।
































































































