8 साल पहले मासूम बेटे को छोड़कर हुआ था फरार, जेल जाने के बजाय पहुंचा घर बक्सर खबर। कहते हैं किस्मत कब और कैसे पलट जाए, कोई नहीं जानता। पिछले आठ वर्षों से जिस युवक की तलाश में पुलिस और परिजन थक-हार चुके थे, उसका पता आखिरकार शराबबंदी कानून के तहत चल रही जांच में चल गया। यह चौंकाने वाला मामला बुधवार को शहर के वीर कुंवर सिंह सेतु पर सामने आया, जब नशे की हालत में एक युवक को उत्पाद विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया। उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल ने बताया कि गिरफ्तार युवक की पहचान सुधीर दास, पिता ज्ञानी दास, निवासी मरीचा गांव, समस्तीपुर जिला के रूप में हुई। जांच के दौरान पता चला कि सुधीर दास पिछले 8 वर्षों से अपने घर से लापता था और इस संबंध में हलई थाना, समस्तीपुर में गुमशुदगी का मामला दर्ज है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बक्सर उत्पाद कार्यालय ने तत्काल समस्तीपुर उत्पाद कार्यालय से संपर्क कर युवक की फोटो साझा की। इसके बाद संबंधित थाना और गांव के मुखिया के माध्यम से परिजनों का पता लगाया गया। सूचना मिलते ही गुरुवार को सुधीर की मां, भाई, बहन और अन्य रिश्तेदार बक्सर पहुंचे।
आवश्यक फाइन की राशि जमा करने के बाद युवक को परिजन अपने साथ गांव लेकर चले गए। बिछड़े बेटे और भाई को सामने पाकर परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। सुधीर दास की पड़ोसी एवं जिला परिषद सदस्य कैलाशी दास ने बताया कि गलत संगत के कारण सुधीर 8 साल पहले घर छोड़कर चला गया था। काफी खोजबीन और थाने में सूचना देने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। उन्होंने उत्पाद विभाग बक्सर की पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि अगर शराबबंदी की जांच न होती, तो शायद यह मिलन भी संभव नहीं हो पाता। शुक्र है कि सुधीर सुरक्षित मिला और अपने घर लौट सका। परिजनों के अनुसार सुधीर सात भाइयों और तीन बहनों में चौथे नंबर पर है। उसकी शादी हो चुकी थी और एक छोटा बेटा भी है, जिसे वह मां की गोद में छोड़कर फरार हो गया था। लंबे इंतजार के बाद जब उसके लौटने की उम्मीद टूट गई, तो उसकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली। बावजूद इसके, सुधीर के गांव लौटने से परिवार, रिश्तेदारों और पूरे गांव में खुशी का माहौल है।






























































































