2 मई 2026 से शुरू होगा मकानों का सूचीकरण, फरवरी 2027 में होगी वास्तविक जनसंख्या की गिनती, पेपरलेस होगी पूरी प्रक्रिया बक्सर खबर। समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में सोमवार को जिलाधिकारी सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में भारत की जनगणना 2027 को लेकर पूर्व से गठित जिला जनगणना समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना कार्य की रूपरेखा, समय-सारिणी और विभागीय समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी साहिला ने जनगणना को अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को गंभीरता एवं समयबद्धता के साथ कार्य निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 की जनगणना पहली बार पूर्णतः डिजिटल मोड में संपन्न कराई जाएगी। इसके लिए जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली पोर्टल के माध्यम से मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि जनगणना संबंधी सभी कार्य भारतीय जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियम, 1990 के तहत संपन्न किए जाएंगे। वर्ष 1872 से आरंभ हुई जनगणना की अबाध श्रृंखला में यह 16वीं तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद 8वीं जनगणना होगी, जो प्रत्येक 10 वर्ष के अंतराल पर आयोजित की जाती है। जनगणना कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 02 मई से 31 मई 2026 तक की जाएगी। द्वितीय चरण में 01 मार्च 2027 की मध्यरात्रि को संदर्भ तिथि मानते हुए फरवरी 2027 में वास्तविक जनसंख्या की गणना होगी। छूटे हुए परिवारों के लिए 02 मार्च से 05 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण दौर संचालित किया जाएगा। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना था, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण की जा सकें।































































































