कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान में लिया गया भेदभाव मिटाने का संकल्प

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साबित खिदमत हॉस्पिटल में एमडीटी से पूर्ण इलाज संभव होने की दी गई जानकारी                                         बक्सर खबर। शहर के चीनी मिल मुहल्ला स्थित साबित खिदमत हॉस्पिटल परिसर में शुक्रवार को कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने कुष्ठ रोग की रोकथाम, समय पर इलाज और समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने का संकल्प लिया। अस्पताल निदेशक एवं रोटरी अध्यक्ष डॉ. दिलशाद आलम ने अपने सभी चिकित्सकों और स्टाफ के साथ कुष्ठ रोग उन्मूलन की शपथ ली। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग को लेकर आज भी समाज में कई प्रकार की भ्रांतियां और डर व्याप्त हैं। लोग इसे छूत की बीमारी या अभिशाप मान लेते हैं, जबकि यह एक बैक्टीरिया से होने वाला रोग है, जिसका पूर्ण उपचार संभव है।

डॉ. आलम ने बताया कि यदि रोग की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो जाए तो मल्टी-ड्रग थेरेपी के माध्यम से इसका सफल इलाज किया जा सकता है। यह दवा सरकारी अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने सभी से अपील की कि कुष्ठ रोगियों को समय पर दवा दिलाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें। कार्यक्रम में डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी का कुष्ठ रोगियों के प्रति लगाव और सेवा भाव सदियों तक याद रखा जाएगा। उन्होंने रोगियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और सामाजिक भेदभाव समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि इतिहास में कुष्ठ रोगियों को समाज से बहिष्कृत किया जाता रहा है, लेकिन आज जरूरत है कि उनके प्रति संवेदनशीलता और सहानुभूति दिखाई जाए। जागरूकता ही इस रोग के उन्मूलन का सबसे प्रभावी माध्यम है। मौके पर डॉ. दिलशाद आलम, डॉ. मनीष कुमार, अरुण कुमार, राहुल कुमार, सुनील कुमार, प्रमोद कुमार, तराना, सोनम, प्रदीप राय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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