अयोध्या, काशी की तर्ज पर बक्सर को देंगे नई पहचान : राजकुमार चौबे बक्सर खबर। शुक्रवार को विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे के नेतृत्व में सनातन जोड़ो यात्रा का दूसरा दिन भी भव्य और ऐतिहासिक रहा। सुबह 9 बजे यात्रा का शुभारंभ अहिरौली स्थित अहिल्या धाम से हुआ, जहां से श्रद्धालुओं का विशाल जत्था नारद सरोवर होते हुए नदांव पहुंचा। नारद आश्रम परिसर में आयोजित विशाल सनातनी जनसभा में राजकुमार चौबे ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि “सनातन ही राष्ट्र को जोड़े रख सकता है और बक्सर की धरती सनातन की धरा है।”
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि अब बक्सर को अयोध्या और काशी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिससे यह भूमि अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान वापस पा सके। सभा के दौरान माहौल जय श्रीराम और माता सीता के नारों से गूंज उठा। चारों ओर उत्साह और श्रद्धा का ऐसा दृश्य बना जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यात्रा में शामिल गाड़ियों का लंबा काफिला पूरे दिन गांव की सड़कों पर नजर आया। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। जगह-जगह लोगों ने तिलक, आरती और नारों से यात्रियों का अभिनंदन किया।

राजकुमार चौबे ने यात्रा में शामिल विश्वामित्र सेना के सदस्यों और जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि “आज बक्सर की धरती ने यह साबित कर दिया है कि जब बात सनातन की आती है, तो हर सनातनी एकजुट होकर खड़ा होता है। यह यात्रा केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मा का जागरण है।” इस अवसर पर हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे आने वाली पीढ़ियों को सनातन धर्म की मूल जड़ों से जोड़ेंगे और बक्सर को उसका खोया गौरव एवं अधिकार वापस दिलाएंगे।