बक्सर खबर। मां की डांट से घर छोड़ किशोरी भाग निकली। शुक्रवार को उसे डुमरांव स्टेशन पर समाजसेवियों ने देखा। 15 वर्षीय किशोरी को रेल यात्री कल्याण समिति डुमरांव के अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने घर पहुंचाया। उन्होंने बक्सर खबर को बताया कि स्टेशन पहुंची किशोरी किसी गलत हाथों में जाने से बच गई । घटना के अनुसार गुरुवार की शाम डुमरांव थाना के चिलहरी गांव की रहने वाली दसवीं की छात्रा खुशबू कुमारी को मां देवांती देवी ने पढ़ाई के साथ-साथ घर के कामों में भी हाथ बंटाने के लिए डांट फटकार लगायी।
जिसपर नाराज होकर खुशबू ने मां के खाना खाकर सो जाने के बाद घर छोड़ने का फैसला कर लिया। रात 11 बजे पैदल ही घर से निकली और सुबह पां बजे स्टेशन पहुंची। अहले सुबह लगभग 5 बजे यात्रियों ने अकेली भटकती हुई एक लड़की को देखा तथा इसकी सूचना स्टेशन के समीप रहने वाले रेल यात्री कल्याण समिति के अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह को दिया । जिसपर समिति अध्यक्ष ने स्टेशन पहुंचकर किशोरी से पूछताछ की तथा इस घटना की जानकारी जीआरपी तथा आरपीएफ को दी । साथ ही चिलहरी गांव के रहने वाले युवा समाजसेवी राकेश सिंह के माध्यम से भटकी किशोरी के परिजनों से संपर्क किया ।
जिसके बाद परिजनों के पहुंचने के बाद जीआरपी पोस्ट प्रभारी डुमरांव सुनील कुमार सिंह की उपस्थिति में किशोरी को उसके परिजनों को सौंपा गया । वहीं अपनी बेटी को सही सलामत पाने पर मां देवांती देवी की आंखे खुशियों से भर गई तथा वह इसके लिए समिति अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह को धन्यवाद दिया । विदित हो कि किशोरी अत्यंत ही निर्धन परिवार से है तथा उसके पिता हरेंद्र गोंड कोलकाता में रहकर मजदूरी करते हैं । जबकि मां दूसरे के खेतों में काम करके 5 बेटियों तथा एक बेटे का भरण पोषण करती हैं । मौके पर जीआरपी के चंद्रमल यादव, आरपीएफ के रामसुख सिंह यादव, अवधेश बिंद के अलावा समाजसेवी महेंद्र यादव उपस्थित थे।






























































































