बक्सर खबर : डुमरांव के नंदन गांव में पथराव के बाद बहुत लोगों को जेल भेजा गया। वहां प्रशासन ने इतने अत्याचार किए हैं। उसका उल्लेख नहीं किया जा सकता। नंदन की घटना महाराष्ट्र दीमा गांव से भी बड़ी घटना है। यहां की सरकार दलितों पर अत्याचार की सभी हदें पार कर गई हैं। एक मुकदमा कर इतनी दफाएं लगाई गई हैं। लोगों को जमानत नहीं मिल रही। बिहार में अब कानून का राज नहीं रहा। यहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए। यह बातें जदयू शरद गुट के पूर्व सांसद अली अनवर व इस गुट के राष्ट्रीय महासचिव अर्जुन राय ने संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान कहीं।
इन नेताओं ने बताया नंदन गांव में हमारी टीम गई थी। वहां के दलित बस्ती के लोग अपनी समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते थे। वे सीएम से मिलने आए थे। लेकिन प्रशासनिक की दमनकारी नीति के कारण आक्रोश भड़क गया। इस गांव के कुछ वार्डो में गुजरात के पिक एंड चूज की तर्ज पर विकास हुआ है। अन्य हिस्से को उपेक्षित छोड़ दिया गया है।

दलित बस्ती के लोग मुर्गी व बतख पालते हैं। उधर तालाब बनना चाहिए था। लेकिन उनकी अनदेखी हुई। हम गांव के लोगों को इंसाफ देने की मांग करते हैं। सरकार को चाहिए वह मुकदमा वापस ले। यहां 31 तारीख को शरद जी आ रहे हैं। वहां महादलित महापंचायत आयोजित की गई है। प्रेस वार्ता में मौजूद राजद के जिलाध्यक्ष शेषनाथ यादव ने कहा हम इसका समर्थन करते हैं।































































































