राष्ट्रीय लोक अदालत में 1708 मामलों का निपटारा, 14.75 करोड़ पर बनी सहमती 

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15 साल पुराना विवाद सुलझा और टूटे हुए रिश्तों में फिर लौटी मिठास                                                           बक्सर खबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में इस वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। लोक अदालत में कुल 1708 मामलों का निपटारा किया गया, जिनमें 14 करोड़ 75 लाख 55 हजार 951 रुपये की समझौता राशि पर पक्षकारों के बीच सहमति बनी। मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए कुल नौ बेंचों का गठन किया गया था। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार काजल झाम्ब, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार, जिलाधिकारी साहिला, पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नेहा दयाल, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह श्रींनेत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत सुलभ और त्वरित न्याय का माध्यम है, जहां एक ही दिन में सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निपटारा किया जाता है। इसमें किसी पक्ष की हार या जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से समाधान होता है। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नेहा दयाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को एक तरह से न्याय का पर्व माना जाता है। इसका उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करना और लोगों को सरल व त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है।राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक के 544 मामलों का निपटारा हुआ, जिनमें 13 करोड़ 11 लाख 60 हजार 794 रुपये की समझौता राशि पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा यातायात के 618, आपराधिक के 165, विद्युत के 265, वैवाहिक के 13, एनआई एक्ट के 4 तथा अन्य मामलों का भी निपटारा किया गया। विभिन्न बैंकों के 98 रिकवरी मामलों में 1 करोड़ 12 लाख 81 हजार 51 रुपये की समझौता राशि पर सहमति बनी। कुटुंब न्यायालय के प्रयास से 14 वैवाहिक मामलों का भी सफल निष्पादन हुआ।

फोटो – कुटुंब न्यायालय में मामलों का निपटारा करते जिला जज, प्रधान न्यायाधीश व अन्य

वहीं कुटुंब न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार की मध्यस्थता से कई दंपतियों के बीच समझौता हुआ और पति-पत्नी पुनः साथ रहने को तैयार हो गए। इस दौरान दोनों पक्षों के परिजन भी उपस्थित रहे और समझौते का स्वागत किया। लोक अदालत में एक 15 वर्ष पुराने चेक बाउंस मामले का भी समाधान हुआ। एसडीजीएम कोर्ट से संबंधित इस मामले में न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुलह के आधार पर विवाद समाप्त कराया। कार्यक्रम का संचालन पैनल अधिवक्ता विष्णु दत्त द्विवेदी ने किया। इस दौरान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उदय प्रताप सिंह, सुदेश कुमार श्रीवास्तव, संजीत कुमार सिंह, अमित कुमार शर्मा, सोनेलाल रजक, कमल कुमार, मानस कुमार वत्सल, अनुपमा सिंह, अवर न्यायाधीश भोला सिंह, महेश्वर नाथ पांडेय तथा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मानवेंद्र सिंह, पैनल अधिवक्ता मधु कुमारी सहित कई न्यायिक पदाधिकारी एवं अधिवक्ता मौजूद रहे।

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