परशुराम चतुर्वेदी जी कि मौत में कहीं वायरल ऑडियो से उत्पन्न तनाव का हाथ तो नहीं …!

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बक्सर खबर। भुवन जी, मुंह में कागज लेकर, मेरे आवाज कि नकल कर के अंट संट बोला है सब,, फिर टेप कर के वायरल कर दिया है,,। 14 जनवरी को रात में जब मैंने परशुराम जी को बक्सर आए क्रूज के यात्रियों के स्वागत योजना हेतू कॉल किया तो उन्होंने थोड़ा झिझकते हुए ये बात मुझे बताई। वो उसे मोबाइल पर सुनाने का भी प्रयास किए,, जो मुझे स्पष्ट सुनाई नहीं दे रहा था, मैंने ढांढस बंधाते हुए हौसला बढ़ाया और ऑडियो मुझे भेजने की बात कही, वे काफी दबाव में लग रहे थे। उस व्यक्तिगत बात को किसने टेप कर के वायरल किया, इसकी जांच होनी चाहिए। ये सभी सामाजिक कार्यकर्ताओ के लिए है। हम किसी से थोड़ा भी लगाव के कारण फोन पर दिल की बात बोल जाते हैं,, उसे टेप कर के वायरल करना, ये खतरनाक प्रवृति है।

मुझे लगता है कि परशुराम जी की मौत के पीछे चौसा आंदोलन के बीच के भागम भाग के तनाव के अलावा इस ऑडियो से उत्पन्न तनाव मुख्य कारण है। उस ऑडियो में क्या था और किसने वायरल किया ये सामने लाने कि जरुरत है। ये प्रवृति ठीक नहीं है। पिछले दिनों भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ भी ऐसा ही हुआ था। ये हम सभी राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए खतरनाक है। ये उचित समय है कि ऐसे लोगों को सामने लाकर उचित सजा दी जाए ताकि फिर कोई ऐसी घटना न हो। कोई दूसरा परशुराम अपनी जान से न जाए। यह बातें बक्सर खबर के साथ साझा की हैं भाजपा पंचायती राज के प्रदेश संयोजक ओम प्रकाश भुवन ने। जो पार्टी के जिम्मेवार नेता भी हैं और बक्सर भाजपा के वरिष्ठ नेता भी।

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