आईआईटी पटना और मालवीय मिशन के सहयोग से शिक्षकों को मिल रही है नवीन शिक्षण पद्धतियों और तकनीकी नवाचार की जानकारी बक्सर खबर। इटाढ़ी रोड स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में 23 से 28 फरवरी तक छह दिवसीय लघु अवधि शिक्षक विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा आईआईटी पटना के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी के सहयोग से महाविद्यालय सहभागिता कर रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. टीएन सिंह, निदेशक आईआईटी पटना के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों, समकालीन अनुसंधान और तकनीकी नवाचार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उच्च तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुदृढ़ करने के लिए सतत प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. राम नरेश राय के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा है। उनके सतत प्रोत्साहन से संस्थान में शैक्षणिक उत्कृष्टता और व्यावसायिक विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक आईआईटी पटना के डॉ. संजय कुमार परिदा तथा महाविद्यालय समन्वयक डॉ. अभिनव कुमार सिंह हैं। पहले दिन कुल चार ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। इनमें दो सत्र डॉ. संजय कुमार परिदा एवं दो सत्र डॉ. अभिनव कुमार सिंह द्वारा संचालित किए गए। प्रतिभागी शिक्षकों ने गहरी रुचि के साथ सहभागिता करते हुए अपने जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस छह दिवसीय शिक्षक विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 87 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से लगभग 55 प्रतिभागी इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में प्रत्यक्ष रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जबकि शेष प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर सहभागिता कर रहे हैं।
यह कार्यक्रम हाइब्रिड माध्यम से संचालित किया जा रहा है। बिहार के लगभग सभी जिलों से संकाय सदस्यों की सहभागिता से राज्य स्तर पर शैक्षणिक संवाद को नई मजबूती मिल रही है। महाविद्यालय स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन एफडीपी समन्वयक सहायक प्राध्यापक विद्या रश्मि, विद्युत अभियंत्रण विभागाध्यक्ष डॉ. उत्कर्ष राज, सहायक प्राध्यापक सुष्मिता रानी लाल तथा सहायक प्राध्यापक चंद्रभानु कुमार के समन्वित प्रयासों से सुचारु रूप से किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन सह प्राध्यापक डॉ. आरएन यादव द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथि, वक्ताओं, आयोजकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी को बधाई दी।


































































































