हाथीपांव को जड़ से मिटाने की अपील, 24 फरवरी तक घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी आशा और एएनएम कार्यकर्ता बक्सर खबर। बुधवार को जिलाधिकारी साहिला ने इटाढ़ी प्रखंड की सिक्तोना पंचायत स्थित अतरौना गांव के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-17 पर स्वयं बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा की खुराक खिलाकर जिले में सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोके जाने योग्य बीमारी है। इसके उन्मूलन के लिए सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर सामूहिक दवा सेवन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पात्र व्यक्तियों द्वारा दवा का सेवन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, तभी इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकेगा।
डीएम साहिला ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह में न पड़ें और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी जा रही दवाओं का सेवन अवश्य करें। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया, जिसे आम भाषा में हाथीपांव कहा जाता है, मच्छर के काटने से फैलता है। यह विश्व की दूसरी सबसे बड़ी दिव्यांगता उत्पन्न करने वाली बीमारी मानी जाती है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के लक्षण प्रकट होने में 5 से 15 वर्ष तक का समय लग सकता है, इसलिए समय रहते बचाव बेहद जरूरी है। फाइलेरिया से बचाव के लिए वर्ष में केवल एक बार फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करना पर्याप्त है।
जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 24 फरवरी तक सभी प्रखंडों में एमडीए अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी लोगों को यह दवा लेनी है। साथ ही दवा का सेवन भरपेट नाश्ता या भोजन करने के बाद ही करने की विशेष सलाह दी गई है।































































































