70% लक्ष्य के मुकाबले मात्र 16.70% वसूली पर जताई नाराजगी, इटाढ़ी, केसठ और डुमरांव के अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण बक्सर खबर। समाहरणालय सभाकक्ष में सोमवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में आंतरिक संसाधन, नीलाम पत्र एवं राजस्व समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजस्व वसूली की धीमी प्रगति, लंबित दाखिल-खारिज और मापी मामलों पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की। विलंब से बैठक में पहुंचे अंचलाधिकारी इटाढ़ी तथा राजस्व अधिकारी केसठ व डुमरांव से स्पष्टीकरण मांगा गया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि भू-लगान वसूली में अपेक्षित प्रगति नहीं है। जनवरी माह तक 70 प्रतिशत वसूली का लक्ष्य था, जबकि मात्र 16.70 प्रतिशत ही राजस्व प्राप्त हुआ। इस पर डीएम ने कैम्प लगाकर रैयतों को जागरूक करने तथा वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया। परिमार्जन प्लस एवं दाखिल-खारिज आवेदनों की समीक्षा में 75 दिनों से अधिक लंबित मामलों पर अंचलाधिकारी बक्सर, चौसा एवं राजपुर से स्पष्टीकरण लेते हुए एक दिन का वेतन स्थगित रखने का आदेश दिया गया।
सभी अंचलाधिकारियों को लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। अम्बेडकर समग्र योजना के तहत भूमि आवंटित लाभुकों को शीघ्र पर्चा निर्गत करने तथा अभियान बसेरा-2 के लंबित वादों के निपटारे हेतु कैम्प आयोजित करने का निर्देश दिया गया। मापी कार्य में तेजी लाने के लिए प्रत्येक अमीन को प्रतिदिन कम से कम दो मापी कराने तथा 28 फरवरी तक सभी लंबित मापी पूर्ण करने को कहा गया। जिले में भूमि बैंक तैयार करने के लिए अनावाद सर्वसाधारण, बिहार सरकार, कैसर-ए-हिन्द एवं अन्य सरकारी भूमि की पहचान कर खाता, खेसरा व रकबा संबंधी प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
डीएलसीसी बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचलाधिकारियों को आपसी समन्वय से नीलाम पत्र वादों के निष्पादन तथा पंजी-9 और पंजी-10 के मिलान हेतु कैम्प लगाने का निर्देश दिया गया।






























































































