आठ माह से बकाया भुगतान को लेकर नाराजगी, मांगें नहीं मानी गईं तो पटना में होगा बड़ा आंदोलन बक्सर खबर। अखिल भारतीय आशा फेडरेशन के आह्वान पर बुधवार को सदर प्रखंड परिसर में आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों ने केंद्रीय बजट के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय बजट की प्रति जलाकर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। सदर प्रखंड के साथ-साथ जिले के अन्य प्रखंडों में भी इस विरोध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आशा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकसभा में दिए गए आश्वासनों के बावजूद केंद्रीय बजट में आशा कार्यकर्ताओं के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। साथ ही, विगत आठ माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। हालांकि फरवरी और मार्च में हुए आंदोलन के बाद तीन माह का भुगतान किया गया, लेकिन अब भी पांच माह की राशि लंबित है।
जिला संयोजक सह राज्य उपाध्यक्ष अरुण कुमार ओझा ने कहा कि यदि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो 11 और 12 अप्रैल को पटना में आयोजित कार्यशाला में बड़े आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया लगातार मजदूर और महिला विरोधी रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। कार्यक्रम को चिकित्सा संघ के राज्य उपाध्यक्ष मनोज चौधरी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। इस दौरान मीरा देवी, प्रेमशिला देवी, उर्मिला देवी, पुष्पा देवी, अर्चना श्रीवास्तव, सीमा देवी, नीतू कुमारी, कमला देवी, चिंता देवी, संतोषी देवी, अभिराजू देवी समेत अन्य आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटरों ने भाग लिया।






























































































