-लाल पैथ लैब की रिपोर्ट पर उठे सवाल, स्वास्थ्य विभाग करे इनकी जांच
बक्सर खबर। आजकल कोई भी मरीज डॉक्टर के पास जाता है तो चिकित्सक उसे जांच रिपोर्ट लाने को कहते हैं। लोग इसके लिए पैथोलैब जाते हैं। लेकिन, जब उनकी रिपोर्ट ही गलत हो तो क्या कहा जाए। ताजा मामला बड़े ब्रांड लाल पैथोलेब से जुड़ा है। चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव दौलत गुप्ता बताते हैं। हमने जांच पैकेज के अंतर्गत लिपिड प्रोफाइल था अन्य जांच कराया। जिसमें मुख्य रूप से ट्राइग्लिसराइड मेरा बहुत ही बढ़ा हुआ दिखाया गया। मुझे रिपोर्ट पर संदेह हुआ तो वेल व्यू लैब से जांच कराई। दोनों की रिपोर्ट देख मैं हैरान रह गया।
जहां लाला की रिपोर्ट में 618.55 आया था वहीं वेल व्यू की रिपोर्ट में 268 आया। मैं नियमित दवा का सेवन करता हूं। और समय-समय पर उसकी जांच भी। इस आधार पर 268 जांच में आना उचित लगा। गुप्ता ने कहा, सवाल ये नहीं की कौन सही है कौन गलत है। शहर मे जितने भी जांच घर है उनकी जांच प्रशासन द्वारा जांच होनी चाहिए। उनका मेडिकल लाइसेंस सत्यापन होना चाहिए। लोग जांच रिपोर्ट पर भरोसा करते हैं। उसके लिए निर्धारित शुल्क अदा करते हैं। अगर रिपोर्ट ही गलत होगी तो मरीज के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होना तय है। हम जिला प्रशासन से मांग करते हैं। ऐसे संचालकों की जांच होनी चाहिए।






























































































