दिव्यांग बच्चों को चाहिए सहयोग और सम्मान, न कि सहानुभूति

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समावेशी शिक्षा के लिए बीआरपी का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न                                                        बक्सर खबर। राज्य कार्यालय बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश पर समावेशी शिक्षा समग्र शिक्षा की ओर से सभी कार्यरत बीआरपी का दो दिवसीय प्रशिक्षण 19 और 20 अगस्त को नेहरू स्मारक उच्च विद्यालय में संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में जिले के 25 बीआरपी ने हिस्सा लिया। राज्य कार्यालय से आईं ट्रेनर सुनीता और शारदानंद मिश्र ने प्रशिक्षण की शुरुआत कर विषय से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं। प्रशिक्षण पूरी तरह से सफल और सुचारु रहा। प्रशिक्षण के दौरान यह संदेश दिया गया कि दिव्यांग बच्चों के पास अतिरिक्त क्षमताएं होती हैं, जिनसे वे कई बार वे कार्य कर जाते हैं जो सामान्य बच्चे नहीं कर पाते। उनका कहना है कि “हमें सहानुभूति नहीं, सहयोग चाहिए। मान नहीं, सम्मान चाहिए।”

सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी राम भजन राम ने कहा कि इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा के साथ-साथ समाज की मुख्यधारा से भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे सामान्य विद्यालयों में ही दिव्यांग बच्चों को सामान्य शिक्षा दें और उन्हें बराबरी का माहौल प्रदान करें। प्रशिक्षण का समापन बीईपी वाली तालियों की गड़गड़ाहट के बीच हुआ। आगे इन प्रशिक्षित बीआरपी को अपने-अपने प्रखंडों में प्रशिक्षण देना है। जिले में कुल 2569 शिक्षकों को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा।

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