वर्चुअल और फिजिकल दोनों माध्यम से होगा आयोजन, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने पक्षकारों से सुलह के लिए आगे आने की अपील की बक्सर खबर। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आगामी 14 मार्च को स्थानीय लोक अदालत विधिक सेवा सदन एवं व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह वर्चुअल और फिजिकल दोनों माध्यमों से आयोजित होगी। आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव सह अवर न्यायाधीश नेहा दयाल ने सोमवार को तैयारियों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पैनल अधिवक्ताओं और विधि स्वयंसेवकों के साथ समन्वय बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सचिव ने अपने प्रकोष्ठ में आयोजित बैठक में जिले के सभी पैनल अधिवक्ताओं एवं विधि स्वयंसेवकों के साथ विचार-विमर्श किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सुलह-समझौते के आधार पर बैंक ऋण, बिजली विभाग, माप-तौल और आपराधिक मामलों से जुड़े अधिकाधिक लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करना था।
नेहा दयाल ने बताया कि इस बार लोक अदालत में करीब दो हजार मामलों के निपटारे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से अपील की कि वे लंबित ऋण वादों में पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से समाधान के लिए प्रेरित करें, ताकि समय और धन दोनों की बचत हो सके। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों के तहत न्यायालय द्वारा चिन्हित सुलहनिए वादों की सूची तैयार कर ली गई है। संबंधित नोटिस के माध्यम से सभी वादियों को न्यायालय में उपस्थित होकर आपसी सहमति से अपने विवादों का निपटारा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। लोक अदालत की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए सचिव ने बताया कि यहां बिना किसी अदालती शुल्क और बिना वकील के भी आपसी सहमति से मुकदमों का अंतिम निपटारा किया जाता है। लोक अदालत का निर्णय विधिक रूप से मान्य और अंतिम होता है। बैठक में पैनल अधिवक्ता आरती राय, मोहम्मद जावेद अख्तर, राजेश कुमार तथा विधि स्वयंसेवक कविंद्र पाठक, बृजेश कुमार, रामजी यादव, विवेक कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।





































































































