इंजीनियरिंग कॉलेज में एनएसएस वॉलेंटियरों को पोक्सो अधिनियम, सहमति और समाधान तंत्र की दी गई विस्तृत जानकारी बक्सर खबर। इटाढ़ी रोड स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में विद्यार्थियों को सामाजिक रूप से जागरूक, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने के उद्देश्य से बाल यौन शोषण एवं लैंगिक समानता विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम साक्षी एनजीओ द्वारा संचालित द रक्षिण प्रोजेक्ट के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित करने के साथ हुई। इसके बाद एनएसएस को-ऑर्डिनेटर सहायक प्राध्यापक आकृति ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के प्रमुख प्रावधानों, अपराध की पहचान तथा कानूनी प्रक्रिया से अवगत कराया। प्रशिक्षक राम प्रतीक चौबे ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बाल यौन शोषण से जुड़े व्यवहार, उसकी पहचान और रोकथाम के उपायों को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। उनके साथ सत्येंद्र कुमार यादव एवं मधु कुमारी ने भी प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय भूमिका निभाई और विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान किया।
कार्यशाला के दौरान लैंगिक समानता, सहमति की अवधारणा तथा शिकायत एवं समाधान तंत्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता ही ऐसे अपराधों की रोकथाम का सबसे सशक्त माध्यम है और युवाओं की भूमिका इसमें निर्णायक है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. राम नरेश राय के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के सफल संचालन में एनएसएस को-ऑर्डिनेटर सहायक प्राध्यापक विद्या रश्मि एवं सहायक प्राध्यापक अमित कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यशाला में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे ज्ञानवर्धक तथा समाजोपयोगी बताया। समापन अवसर पर सहायक प्राध्यापक विद्या रश्मि ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि ऐसे जागरूकता अभियानों से युवाओं में संवेदनशीलता विकसित होगी और वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनेंगे।




































































































