25 साल पुराने केस में थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक

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19 साल से नहीं मिला भरण-पोषण, आरोपी अब तक फरार                                                                      बक्सर खबर। भरण-पोषण के 25 साल पुराने मामले में फैमिली कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए डुमरांव थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार ने यह कार्रवाई मेंटेनेंस केस संख्या 8/2011 में की है। यह मामला डुमरांव के ठठेरी बाजार निवासी गुलामुद्दीन से जुड़ा है, जिसके खिलाफ उसकी पत्नी ने भरण-पोषण का परिवाद दाखिल किया था। कोर्ट ने पहले ही 19 सितंबर 2000 को 450 रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया था। लेकिन आरोपी ने वर्षों तक कोर्ट के आदेश की अनदेखी की और एक भी किस्त जमा नहीं की।

पूर्व में डुमरांव थानाध्यक्ष ने कोर्ट को आवेदन देकर बताया था कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी होती रही, लेकिन हर बार उसके घर पर उसकी दूसरी पत्नी व बच्चे ही मिले। आरोपी लंबे समय से फरार है। यह भी बताया गया कि उसके घर की कुर्की-जप्ती की कार्रवाई भी हो चुकी है, फिर भी उसकी गिरफ्तारी संभव नहीं हो सकी। पीड़िता ने एक बार फिर न्यायालय से गुहार लगाई। मामले को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय की और उनके वेतन पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक को भी आदेश की प्रति भेजकर विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

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