ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, जिलाधिकारी ने तैयार किया प्लान

0
465

ई-रिक्शा के लिए लागू होगी कलर कोडिंग व्यवस्था और पार्किंग जोन विकसित करने का निर्देश                     बक्सर खबर। चैती छठ पर्व को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में यातायात के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में 24 एवं 25 मार्च को मनाए जाने वाले चैती छठ पर्व के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि चैती छठ पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में छठ व्रती घाटों पर पहुंचते हैं, जिससे शहर में यातायात का दबाव बढ़ जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव कुमार पाण्डेय, जिला परिवहन पदाधिकारी तथा यातायात उपाधीक्षक को ट्रैफिक रूट चार्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया। बैठक में शहर में बड़ी संख्या में संचालित हो रहे ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी और यातायात उपाधीक्षक को निर्देश दिया कि ई-रिक्शा संचालकों के साथ बैठक कर उनसे यह सुनिश्चित कराया जाए कि वे किस रूट पर ई-रिक्शा चलाना चाहते हैं। इसके लिए उनसे आवेदन पत्र प्राप्त कर निर्धारित रूट के अनुसार ई-रिक्शा पर कलर कोडिंग कराई जाएगी, ताकि संबंधित रंग वाले ई-रिक्शा केवल उसी रूट पर संचालित हों और शहर में जाम की समस्या कम हो सके।

यातायात नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए गोलंबर के पास अतिरिक्त होमगार्ड जवानों की तैनाती करने का भी निर्देश दिया गया। वहीं नगर परिषद क्षेत्र में बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद को हेल्पलाइन नंबर जारी करने तथा शहर में वेडिंग जोन और पार्किंग स्थल विकसित करने के लिए खाली पड़ी जमीनों को चिन्हित कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और सड़कों पर नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को हटाने के लिए नियमित रूप से माइकिंग कराने का निर्देश नगर परिषद बक्सर के कार्यपालक पदाधिकारी और यातायात उपाधीक्षक को दिया गया। साथ ही एक सप्ताह के भीतर प्रमुख चौक-चौराहों, सड़कों और विद्यालयों के आसपास आवश्यक साइनेज लगाने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को भी निर्देशित किया गया कि जिन सड़कों पर गड्ढे उभर आए हैं उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा जहां आवश्यकता हो वहां स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here