-दसियांव में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी जी का प्रवचन
बक्सर खबर। हम जिस युग में हैं। यह कलयुग है, लेकिन, इसका भी अपना विशेष महत्व है। इसमें भले ही जो हो रहा हो। लेकिन, शास्त्र बताते हैं। कलिकाल में सिर्फ हरि नाम कीर्तन से मनुष्य को मुक्ति मिल जाती है। यह बातें पूज्य जीयर स्वामी जी महाराज ने शनिवार को केसठ के दसियांव में कहीं। गांव में बाबा हरसु मानस मंडल के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान शनिवार को यहां पूज्य जीयर स्वामी जी कुछ समय के लिए आए थे। स्वामी जी ने अपने संबोधन में कहा, कलयुग मे मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बहुत ही सुगम है। मनुष्य अपना कर्म करते हुए भी बड़ी सरलता से मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है।
लेकिन इस झूठी शानो शौकत के चक्कर मे फंसकर वह अपना कीमती समय यूं ही बर्बाद कर रहा है। विभिन्न युगों में जहां ऋषि मुनियों ने वर्षों तपस्या करके ईश्वर को प्रसन्न करने का प्रयास किया। वहीं इस युग मे गृहस्थ आश्रम में रहकर भी मनुष्य को ईश्वर के नाम मात्र का स्मरण करने से मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। स्वामी जी ने कहा कि मनुष्य इस धरती आने के बाद अपने उद्देश्य से भटकता जाता है। जिसका परिणाम है कि उसे कष्टों का सामना करना पड़ता है। लेकिन, सच यह है, ईश्वर के नाम का स्मरण कहीं भी और किसी भी स्थान पर किया जा सकता है।

मानव को कर्मों के आधार पर ही अगला जन्म प्राप्त होता है। लेकिन, हम कुमार्ग पर जाने से बचे कैसे। इसके लिए योग्य गुरु का सानिध्य चाहिए। इसलिए अच्छे आचरण व संस्कार वाले गुरु का चयन करना चाहिए। ग्रामीण सूत्रों ने बताया दसियांव में हरसु मानस मंडल का जन्मोत्सव कार्यक्रम चल रहा है। जिसका समापन 27 जनवरी को होगा। यहां के ग्रामीणों के आग्रह पर स्वामी जी कुछ समय के लिए यहां पधारे थे। कार्यक्रम का संचालन सतीश कुमार द्विवेदी ने किया।






























































































