गांधी मैदान में निपुण बिहार अभियान को नई दिशा दे रहे हैं जिले के ये शिक्षक बक्सर खबर। बिहार दिवस के गौरवमयी अवसर पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में शिक्षा विभाग के मंडप और वहां स्थापित आदर्श विद्यालय में जिले के एक शिक्षक ने अपनी अनूठी प्रतिभा से सभी का ध्यान आकर्षित किया। निपुण बिहार अभियान को साकार रूप देते हुए शिक्षक दुर्गमांगे ने अपनी रचनात्मक शैली से बच्चों को गणित जैसे विषय से सहज रूप से जोड़ने का सफल प्रयास किया। शिक्षक दुर्गमांगे द्वारा स्वयं तैयार की गई शिक्षण-अधिगम सामग्री इस प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण रही। कबाड़ और स्थानीय संसाधनों से तैयार किए गए इन उपकरणों ने यह साबित कर दिया कि सीमित साधनों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव है। इन नवाचारों ने आगंतुकों और शिक्षकों दोनों को खासा प्रभावित किया।
यहां बच्चों को पारंपरिक रटने की पद्धति से अलग हटकर खेल और गतिविधियों के माध्यम से गणित सिखाया जा रहा है। जोड़, घटाव और ज्यामिति जैसी जटिल अवधारणाओं को बच्चे बेहद सरल और रोचक तरीके से समझ रहे हैं, जिससे उनकी सीखने की रुचि भी बढ़ रही है। जिले की मिट्टी से निकले इस प्रतिभाशाली शिक्षक का प्रयास न केवल बच्चों को प्रेरित कर रहा है, बल्कि राज्य भर से आए शिक्षकों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। उनकी यह पहल दर्शाती है कि नवाचार और समर्पण से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव संभव है। गांधी मैदान में स्थापित यह आदर्श विद्यालय और दुर्गमांगे जैसे समर्पित शिक्षकों का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि बिहार की सरकारी शिक्षा व्यवस्था में अब बदलाव की बयार बह रही है। बिहार दिवस के तीन दिवसीय आयोजन में शिक्षा विभाग का यह स्टॉल ज्ञान और नवाचार का केंद्र बना हुआ है, जो विकसित और निपुण बिहार की सशक्त और प्रेरणादायक तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है।
































































































