राम-लक्ष्मण और विश्वामित्र के आदर्शों को आत्मसात करें छात्र: डॉ. कृष्णा कांत सिंह

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एमवी कॉलेज में क्विज के जरिए परखा गया छात्र-छात्राओं का बौद्धिक कौशल                                                 बक्सर खबर। शहर के महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा सोमवार को एक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न विषयों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ. कृष्णा कांत सिंह ने कहा कि यह महाविद्यालय महर्षि विश्वामित्र के नाम पर स्थापित है, जिनकी परंपरा ज्ञान और अनुशासन की मिसाल रही है। उन्होंने बताया कि महर्षि विश्वामित्र के शिष्य भगवान राम और लक्ष्मण थे, जो गुरु-शिष्य संबंध के आदर्श उदाहरण हैं। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी और शिक्षक दोनों की जिम्मेदारी है कि वे इस गौरवशाली परंपरा को बनाए रखें। अनुशासन में रहकर शिक्षा ग्रहण करने से ही छात्र देश, समाज और संस्थान का नाम रोशन कर सकते हैं।

इस अवसर पर जंतु विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शशि काला एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं छात्रों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाती हैं और उनके बौद्धिक विकास में सहायक होती हैं। उन्होंने छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर जोर दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के कई प्राध्यापक उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. रास बिहारी शर्मा, डॉ. पंकज चौधरी, डॉ. अवनीश कुमार पाण्डेय, डॉ. नवीन शंकर पाठक, डॉ. प्रिय रंजन चौबे, डॉ. आलोक चतुर्वेदी, डॉ. छाया चौबे, डॉ. रवि प्रभात, डॉ. सीमा एवं डॉ. अर्चना पांडेय सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।

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