कवियों ने अपनी रचनाओं से घोला आपसी प्रेम और सद्भाव का रंग

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साहित्यकारों ने अबीर-गुलाल के साथ शब्दों के रंगों से मनाया होली मिलन समारोह                                    बक्सर खबर। भोजपुरी साहित्य मण्डल की ओर से विप्र नगर स्थित कवि संजय सागर के आवास पर होली मिलन समारोह सह हास्य कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य और संस्कृति के रंगों ने ऐसा समां बांधा कि उपस्थित सदस्य केवल अबीर-गुलाल से ही नहीं, बल्कि भावनाओं और संवेदनाओं के रंगों से भी सराबोर हो उठे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्था के अध्यक्ष डॉ. अरुण मोहन भारवि ने कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि मन के मलिन भावों को धोकर आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है और ऐसे आयोजनों से सामाजिक समरसता को नई ऊर्जा मिलती है।

मंच संचालन कवि संजय सागर ने किया। उन्होंने अपनी हास्य-व्यंग्य रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर किया। सम्मेलन में कमलापति पाण्डेय निडर, शिवबहादुर पाण्डेय प्रीतम, अधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद वर्मा, अनंत प्रसाद, दयानन्द कुमार, राजकिशोर राय, कुशध्वज सिंह, महेश्वर ओझा, अमर रंजन, शंभूनाथ मिश्रा, अमरेंद्र दुबे, विनय कुमार ओझा, श्रीभगवान पाण्डेय, फारुख सैफी, वशिष्ठ पाण्डेय, धनेश्वर मिश्र, शंकर कुमार, ददन सिंह एवं उमेश कुमार पाठक सहित कई रचनाकारों ने अपनी कविताओं का पाठ किया। कवियों ने होली के पारंपरिक रंगों के साथ समसामयिक मुद्दों, सामाजिक विसंगतियों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं, जिन पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।

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