– इटाढ़ी थाना के सुक्रवलिया गांव का मामला, महापुरुषों के नाम पर जमीन का अतिक्रमण
बक्सर खबर। कुछ लोग ऐसा काम करते हैं। जिससे महापुरुषों का अपमान भी होता है। जिन्होंने समाज को दीशा दी हो। उनके नाम पर लोग अपना उल्लू सीधा करते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है सुक्रवलिया गांव में। यह गांव इटाढ़ी प्रखंड के अंतर्गत आता है। और इसी थाना की सीमा भी यहां लगती है। इस गांव के कुछ लोगों ने नहर किनारे चाट में महात्मा बुद्ध की छोटी प्रतिमा लगा दी। इस विषय को लेकर कुछ लोगों ने नाराजगी जताई। पुलिस व सिंचाई विभाग को आवेदन दिया। लेकिन, कोई प्रशासनिक पहल हुई नहीं। मौका देख ऐसा करने वालों ने एक चबूतरा बना प्रतिमा को बीच चाट में स्थापित कर दिया गया। फिलहाल बास पर छोटा तंबू तान दिया गया है।
इसकी शिकायत कुछ लोगों ने इटाढ़ी थाना, सिंचाई विभाग और जिलाधिकारी से भी की है। लेकिन, परिणाम शून्य है। नहर किनारे की जमीन सिंचाई विभाग की है। लेकिन, उसके सामने जिसकी रैयती भूमि भी। उसकी चिंता और भी बढ़ी हुई है। क्योंकि अभी छोटा तंबू लगा है, आगे और फसाद बढ़ेगा। और देश में कानून की बात करने वाले प्रशासन के अधिकारी चुप्पी साधे रहेंगे। जबकि सर्वोच्च न्यायालय का सीधा आदेश है। किसी भी सार्वजनिक भूमि पर किसी धर्म के नाम पर कब्जा व निर्माण नहीं होगा। इसको लेकर एक दसक पहले ही सर्वोच्च न्यायालय ने सभी चीफ सेक्रेटरी को पत्र जारी कर देश भर के मंदिरों व सभी धार्मिक स्थलों की गिनती भी कराई थी। और अधिकारियों से हलफनामा भी लिया था।
इसके बाद सार्वजनिक भूमि पर कोई अतिरिक्त निर्माण नहीं होगा। लेकिन, महापुरुषों और धार्मिक स्थलों के नाम पर अपने यहां फसाद खड़ा करने वालों की हरकतें कम नहीं हो रहीं। सुक्रवलिया गांव के समीप चाट में जो मूर्ति लगी है। उस रास्ते खेतों तक सिंचाई का पानी जाता है। उसमें भी व्यवधान होगा। ऐसे में शांति भंग भी हो सकती है। प्रशासन को चाहिए, समय रहते, इस मामले में हस्तक्षेप करे। अन्यथा नई समस्या खड़ी होगी। ग्रामीण सूत्रों के अनुसार 29 दिसंबर को थाने में सूचना दी गई थी। उसके उपरांत सिंचाई विभाग को पत्र लिखा गया। वहां से भी पत्राचार हुआ है। बावजूद इसके जब कार्रवाई नहीं हुई तो जिलाधिकारी को भी नौ जनवरी को शिकायती आवेदन दिया जा चुका है।






























































































